मुजफ्फरनगर शहर में आवारा कुत्तों और बंदरों का आतंक बढ़ गया है। इससे परेशान होकर शनिवार को गांधी कॉलोनी, शिवनगर, मदनपुरी और सुभाष नगर के दर्जनों निवासियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला प्रशासन के खिलाफ ज्ञापन सौंपा। निवासियों का आरोप है कि स्थिति इतनी गंभीर है कि महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग घर से बाहर निकलने से भी डरते हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि कई क्षेत्रों में आक्रामक कुत्तों के झुंड खुलेआम घूमते हैं, जिससे प्रतिदिन लोगों पर हमले और काटने की घटनाएं हो रही हैं। इसके साथ ही, बंदरों का आतंक भी एक बड़ी समस्या बन गया है। बच्चों का ट्यूशन जाना भी मुश्किल हो गया है, और लोग लगातार डर के माहौल में जीने को मजबूर हैं। सभासद अमित पटपटिया ने बताया कि इस संबंध में 30 मार्च को नगर प्रशासन को लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि एक सप्ताह पहले श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के सामने भी प्रदर्शन किया गया था। तब नगर मजिस्ट्रेट ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। कलेक्ट्रेट पहुंचे निवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि आवारा कुत्तों और बंदरों के आतंक पर जल्द नियंत्रण नहीं किया गया, तो यह विरोध एक बड़े जन आंदोलन का रूप ले सकता है। शहर में बढ़ते इस संकट ने नगर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदर्शनकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट पंकज सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। इस मामले पर नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि नगर पालिका बोर्ड मीटिंग में इस समस्या के समाधान के लिए बजट पास हो गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही बंदर और कुत्ते पकड़ने वाली टीम सक्रिय हो जाएगी।
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