मोतीपुर FIR में फर्जी नाम, ड्राइवर ने पेश किए सबूत:नामजद व्यक्ति ने राजस्थान में ट्रक चलाने का दावा किया, एफआईआर में 73 नामजद, 200 अज्ञात पर केस




लखीमपुर खीरी के मैलानी थाना क्षेत्र के मोतीपुर गांव में 14 अप्रैल को हुए बवाल के मामले में दर्ज एफआईआर अब विवादों में आ गई है। थाना प्रभारी की तहरीर पर दर्ज इस केस में 73 नामजद और करीब 200 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि इस सूची में कुछ ऐसे लोगों के नाम भी शामिल कर दिए गए हैं, जिनका घटना से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। एफआईआर में 71वें नंबर पर नामजद मोतीपुर निवासी अरविंद कुमार ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि घटना वाले दिन वह सैकड़ों किलोमीटर दूर राजस्थान के बूंदी-कोटा बाईपास पर ट्रक चला रहे थे। अरविंद के मुताबिक, उन्होंने सुबह 9:40 बजे श्याम धर्म कांटा पर वाहन का वजन कराया और इसके बाद राधा कृष्ण राइस मिल में लोडिंग की। दिनभर वह ट्रांसपोर्ट कंपनी में कागजी कार्यवाही में व्यस्त रहे और रात में हरियाणा के लिए रवाना हुए। उन्होंने कहा कि उनकी पूरी यात्रा हाईवे और एक्सप्रेस-वे से हुई, जहां सीसीटीवी फुटेज से उनकी मौजूदगी की पुष्टि की जा सकती है। अरविंद ने पुलिस को लोकेशन और अन्य साक्ष्य सौंपने की बात कही है। 14 अप्रैल को जमीन विवाद से भड़का था बवाल 14 अप्रैल को मोतीपुर गांव में विवादित जमीन पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापना को लेकर दो पक्षों में तनाव हो गया था। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इस दौरान पुलिस पर पथराव किया गया, सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ हुई और आगजनी भी की गई। घटना में करीब 20 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। गांव में छापेमारी से दहशत, कई घर खाली घटना के बाद पुलिस की लगातार कार्रवाई और छापेमारी से गांव में दहशत का माहौल है। कई ग्रामीण घर छोड़कर फरार हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानों पर अभद्रता और घरों में नुकसान की भी घटनाएं हुईं। फिलहाल गांव की गलियां सूनी हैं और अधिकांश घरों में महिलाएं ही नजर आ रही हैं। राजनीतिक हलचल भी तेज, जांच की मांग मामले को लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी बढ़ गई है। पूर्व सांसद जुगल किशोर गांव पहुंचे और ग्रामीणों से मुलाकात की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि निर्दोष लोगों पर कार्रवाई नहीं होने दी जाएगी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी पुलिस से संयम बरतने और निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस का दावा—जांच जारी, गिरफ्तारी तेज होगी पुलिस ने अब तक 32 आरोपियों को जेल भेज दिया है, जबकि पिछले कुछ दिनों में कोई नई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।



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