मोहाली के खरड़ स्थित सुख सेवा मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में एक अवैध किडनी प्रत्यारोपण रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। इस मामले में अस्पताल की मालिक डॉ. मनप्रीत कौर सहित तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जबकि दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसडीएम खरड़ के निर्देश पर सिविल सर्जन मोहाली द्वारा गठित एक मेडिकल टीम ने बीते रविवार रात करीब 9 बजे अस्पताल का निरीक्षण किया। टीम में डॉ. राजेश कुमार (एसएमओ, एसडीएच खरड़), डॉ. धर्मिंदर सिंह (एसएमओ, एसडीएच डेराबस्सी), डॉ. अमनदीप कौर (एमओ सर्जरी, एसडीएच खरड़), डॉ. सहदीप कौर (एमओ, खरड़) और विशाख सिंह सहोता शामिल थे। जांच के दैरान ICU में दो मरीज मिले जांच के दौरान अस्पताल के आईसीयू में दो मरीज मिले, जिनकी किडनी का प्रत्यारोपण किया गया था। ये प्रत्यारोपण संदिग्ध परिस्थितियों में हुए थे। हैरानी की बात यह थी कि दोनों मरीज बिना किसी डॉक्टर या स्टाफ की निगरानी के भर्ती थे। मरीजों के साथ मौजूद दो व्यक्तियों ने खुद को अस्पताल का स्टाफ बताया, लेकिन उनके पास कोई पहचान पत्र नहीं था। मरीजों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ रेफर किया गया। पुलिस जांच में अंगदाता आशीष थमन और रिसीवर वरिंदरपाल के पास मौजूद संदिग्धों की पहचान महेंद्र कुमार मनसुखभाई पटेल (गुजरात निवासी) और राकेश कुमार (राजस्थान निवासी) के रूप में हुई। पूछताछ में दोनों कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज प्रारंभिक जांच में यह मामला मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम, 1994 की धारा 19 और 20 के तहत अपराध पाया गया। इसके आधार पर पुलिस ने महेंद्र कुमार मनसुखभाई पटेल, राकेश कुमार ननूमा और अस्पताल की मालिक डॉ. मनप्रीत कौर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एसएचओ सिटी खरड़ अमरिंदर सिंह ने बताया कि यह एक संगठित किडनी रैकेट हो सकता है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पुलिस टीम और स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटे हुए हैं।
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