अमृतसर में जलियांवाला बाग शहीदी दिवस पर श्रद्धांजलि:107 वें वर्ष पर बड़ी संख्या नेता व लोग जुटे, कुर्बानी यादकर शहीदों को किया नमन




अमृतसर के जलियांवाला बाग में 107वें शहीदी दिवस के अवसर पर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस मौके पर विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के नेता, समाज के प्रमुख व्यक्ति व बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए और शहीदों की कुर्बानी को याद किया। कार्यक्रम के दौरान सभी वर्गों के लोगों ने एकजुट होकर शहीदों को नमन किया। इस अवसर पर आरएसएस के ऑल इंडिया जनरल सेक्रेटरी डॉ. किशन गोपाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। कांग्रेस नेता डॉ. राज कुमार वेरका ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि जलियांवाला बाग केवल एक ऐतिहासिक स्थल नहीं, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत है। उन्होंने कहा कि 107 साल बीत जाने के बावजूद इस भूमि का महत्व कम नहीं हुआ है। हर साल यहां आकर शहीदों की पवित्र मिट्टी को नमन करने से एक नई ऊर्जा और साहस मिलता है। उन्होंने आगे कहा कि अमृतसर की धरती भक्ति और शक्ति का केंद्र है, जहां दरबार साहिब, दुर्ग्याणा मंदिर और जलियांवाला बाग जैसे धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल हमारे भीतर आध्यात्मिक और राष्ट्रीय भावना को जागृत करते हैं। उन्होंने जनरल डायर की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि उसके द्वारा किया गया नरसंहार कभी भुलाया नहीं जा सकता। साथ ही उन्होंने शहीद ऊधम सिंह की कुर्बानी को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन हमेशा युवाओं के लिए प्रेरणा बना रहेगा। श्वेत मलिक ने कार्यक्रम को बताया गैर-राजनीतिक, एकता पर जोर इस अवसर पर भाजपा के पूर्व राज्यसभा सदस्य श्वेत मलिक ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम पूरी तरह गैर-राजनीतिक रूप में आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि इसमें सभी पार्टियों के नेता, आरएसएस के सदस्य, समाज के विभिन्न वर्गों के लोग, उद्योगपति, डॉक्टर, शिक्षक और बुद्धिजीवी शामिल हुए। सभी ने मिलकर शहीदों को नमन किया, जो लोकतंत्र की असली ताकत को दर्शाता है। जलियांवाला बाग के विकास और सुविधाओं पर सरकार के प्रयासों की जानकारी मलिक ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जलियांवाला बाग के संरक्षण और विकास के लिए बड़े स्तर पर काम किया गया है। यहां आने वाले पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं, लाइट एंड साउंड शो और डिजिटल गैलरियां तैयार की गई हैं, ताकि लोग इतिहास से जुड़ सकें। शहीद परिवारों ने रखी मांगें, सूची तैयार करने का आश्वासन कार्यक्रम के दौरान कुछ शहीद परिवारों ने अपनी मांगें भी रखीं। इस पर मलिक ने कहा कि शहीदों की आधिकारिक सूची प्राप्त करने के लिए प्रशासन से लगातार संपर्क किया जा रहा है, ताकि उन्हें उचित सम्मान मिल सके।



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