गोरखपुर में बढ़ती आबादी के बीच आवासीय जरूरतों को पूरा करने की कवायद भी शुरू हो गई है। इसके लिए 6000 एकड़ में नया गोरखपुर विकसित किया जा रहा है। पहले चरण में गुरुकुल सिटी बसाई जाएगी। कुछ गांवों में जमीन अधिग्रहण किया जा रहा है। अब गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) और जमीन लेने की तैयारी में है। इसके लिए 6 और गांवों में अधिग्रहण किया जाएगा। सदर एवं चौरी चौरा तहसील के इन गांवों में जमीन अधिग्रहण के लिए अनिवार्य अर्जन और लैंड पुलिंग पर भी विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण-नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत GDA की ओर से कुछ गांवों में अनिवार्य अर्जन की प्रक्रिया चल रही है। भविष्य में बैजनाथपुर, कुसम्ही,भैंसहा, रुद्रापुर, अराजी मतौनी और अराजी बसडीला में भूमि अधिग्रहण करने की तैयारी है। इन गांवों का दौरा GDA और तहसील की टीमों ने संयुक्त रूप से कर लिया है। बातचीत के आधार पर तय होगा मुआवजा
इन गांवों में पहले लोगों से बातचीत की जाएगी कि वे अपनी जमीन दे दें। लोगों से बातचीत में जमीन अधिग्रहण की दर तय की जाएगी। सर्कल रेट के 4 गुना के बराबर मुआवजा देने का विकल्प दिया जा सकता है। किसानों को चिह्नित कर अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। लैंडपुलिंग के विकल्प भी देखेंगे
जीडीए की बोर्ड बैठक में यह तय किया गया है कि लैंड पुलिंग के जरिए भी जमीन ली जाएगी। किसानों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन खरीदने की तैयारी है। इसके अलावा किसानों से बातचीत की जाएगी। अगर इसपर बात नहीं बनी तो अनिवार्य अर्जन की ओर जाएंगे। सर्कल रेट न बढ़ने से किसान विरोध में
GDA की ओर से पहले भी इस तरह के प्रयास किए गए हैं लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। किसान सर्कल रेट बढ़ाए बिना इस मुद्दे पर बात करने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि आने वाले समय में अनिवार्य अर्जन की राह पर ही GDA को जाना होगा।
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