रामपुर में मिशन शक्ति अभियान के तहत एक छात्रा को एक दिन का जिलाधिकारी बनाया गया। हाई स्कूल में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाली श्री सिंह को जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने अपने कार्यालय बुलाया और सम्मानित किया। इस पहल का उद्देश्य बेटियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करना और उन्हें नेतृत्व के लिए प्रेरित करना है। जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप मिशन शक्ति-5 के माध्यम से प्रशासनिक स्तर पर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना लक्ष्य है। श्री सिंह को प्रतीकात्मक रूप से डीएम की कुर्सी पर बैठाकर प्रशासनिक कार्यों से परिचित कराया गया। इस दौरान उन्होंने आम लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
श्री सिंह ने इस अनुभव को ‘बेहद खास’ बताया। उन्होंने कहा कि पहले डीएम की कुर्सी केवल एक पद लगती थी, लेकिन अब यह एक जिम्मेदारी और सेवा का अवसर महसूस हो रहा है। उन्होंने कंप्यूटर इंजीनियर बनने और आईआईटी के माध्यम से देश की सेवा करने की इच्छा व्यक्त की। उनका लक्ष्य किसी भी माध्यम से देशहित में योगदान देना है। श्री सिंह ने यह भी कहा कि केवल टॉपर बनना ही लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज के लिए उपयोगी बनना आवश्यक है। अपने एक दिन के कार्यकाल में उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक समस्याओं से संबंधित मामले सुने। उन्होंने जरूरतमंदों के लिए आयुष्मान कार्ड बनवाने और अन्य समस्याओं के समाधान हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए। सेंट मैरी स्कूल की छात्रा श्री सिंह के साथ उनकी कई जूनियर सहपाठियां भी कलेक्ट्रेट पहुंचीं। कलेक्टर की कुर्सी पर श्री सिंह को देखकर वे गर्व महसूस कर रही थीं और उन्होंने भी देश के लिए योगदान देने का संकल्प लिया। यह पहल न केवल श्री सिंह के लिए, बल्कि समाज की अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणा है कि कड़ी मेहनत और लगन से किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।
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