शंकराचार्य के गविष्ठि यात्रा के होंगे 5 संकल्प:मठ में बैठक कर लिया गया निर्णय, लखनऊ में ‘चतुरंगिणी’ सेना का करेंगे ऐलान




शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा 81 दिवसीय “गविष्ठि यात्रा” का आयोजन किया जा रहा है। इस यात्रा को सफल बनाने के लिए हर विधानसभा में व्यक्तियों को नियुक्त कर दिया गया है। शंकराचार्य के साथ गौ-गंगा कृपाकांक्षी गोपाल मणि भी शामिल होंगे। मठ में हुई बैठक के अनुसार प्रमुख पांच संकल्पों पर मोहर लगी है। 81 दिनों तक चलेगी यात्रा संजय ने बताया गविष्ठि (गो-रक्षार्थ-धर्मयुद्ध) यात्रा 3 मई 2026 (ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया) से प्रारंभ होकर 24 जुलाई 2026 (आषाढ़ शुक्ल दशमी) तक चलेगी। इस दौरान यात्रा उत्तर प्रदेश के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी, जिससे इसे प्रदेशव्यापी धार्मिक और सामाजिक अभियान का स्वरूप दिया गया है। बैठक में इन 5 संकल्पों पर मोहर लगी • गौमाता को “राष्ट्रमाता/राज्यमाता” का दर्जा दिलाने की पहल • हर विधानसभा क्षेत्र में “गौधाम” की स्थापना • हिंदू समाज को “गौमतदाता” के रूप में संगठित करना • प्रत्येक गांव और मोहल्ले में 5 “गौ वीरों” की नियुक्ति • गौशालाओं और बूचड़खानों की स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन लखनऊ में होगा भव्य समापन संजय ने बताया यात्रा का समापन 24 जुलाई को कांशीराम स्मृति उपवन में एक विशाल धर्मसभा के साथ होगा। आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से लाखों गौ-भक्तों के शामिल होने की संभावना है। इस यात्रा का संयोजन शंकराचार्य जी के शिष्य स्वामी प्रत्यक्चैतन्य मुकुंदानन्द गिरि द्वारा किया जा रहा है। ‘चतुरंगिणी’ सेना बनाने का ऐलान शंकराचार्य ने कहा- गौ मां की रक्षा के लिए नागा साधुओं की सेना की तर्ज पर ‘चतुरंगिणी’ सेना का निर्माण किया जाएगा। उनका कहना है कि यह संगठन धर्म, गौ रक्षा और समाज के हितों की रक्षा के लिए कार्य करेगा। इस संरचना में अलग-अलग वर्गों और क्षेत्रों के लोगों को शामिल किया जाएगा, जिससे सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर संगठित तरीके से काम किया जा सके। इस सेना में 2 लाख 18 हजार 700 सैनिक होंगे।



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