शिवपुरी जिले के तेंदुआ थाना क्षेत्र के डेहरवारा गांव में बुधवार दोपहर शादी का कार्ड देने के बहाने आए तीन अज्ञात हमलावरों ने बुजुर्ग महिला को गोली मार दी। बदमाशों ने पहले घर का गेट खुलवाया और बुजुर्ग महिला के पैर छुए फिर सिर में गोली मारकर फरार हो गए। घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल महिला को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी के मुताबिक मृतिका रामसखी धाकड़ के पति लक्ष्मी नारायण लोधी ने अपनी पहली पत्नी की मौत के बाद करीब 35 साल पहले रामसखी धाकड़ से दूसरी शादी की थी। पहली पत्नी से उनके तीन बेटे और दो बेटियां थीं, जबकि रामसखी अपने पहले पति से जन्मे बेटे मुनेश को बाल अवस्था में अपने साथ लाई थीं। इसके बाद रामसखी मां नहीं बन सकीं। वर्तमान में मुनेश धाकड़ इंदौर में अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रहता है और पिछले महीने अपनी मां के इलाज के लिए गांव आया हुआ था। नातिन के सामने मारी गोली घटना के समय रामसखी धाकड़ अपनी नातिन राधिका धाकड़ के साथ घर में थीं। राधिका के अनुसार, तीन युवक बाइक पर सवार होकर आए और शादी का कार्ड देने के बहाने दरवाजा खुलवाया। जैसे ही दादी ने दरवाजा खोला, एक युवक ने पहले उनके पैर छुए और तुरंत सिर में गोली मार दी। इसके बाद तीनों आरोपी बाइक पर सवार होकर फरार हो गए। गोली की आवाज सुनकर राधिका की मां शांति धाकड़ मौके पर पहुंचीं, जहां रामसखी खून से लथपथ पड़ी थीं। रामसखी के भाई महेश धाकड़ ने हत्या के पीछे जमीनी विवाद की आशंका जताई है। उन्होंने बताया कि बहनोई लक्ष्मी नारायण के नाम करीब 35 बीघा जमीन थी, जो पहली पत्नी के पांच बच्चों और रामसखी के बीच बंट गई थी। रामसखी अपने हिस्से की जमीन अपने बेटे मुनेश धाकड़ के नाम करना चाहती थीं और नामांतरण की प्रक्रिया भी चल रही थी। लेकिन लक्ष्मी नारायण के बेटे शिवराज, साहब सिंह और राम कृष्ण इसका विरोध कर रहे थे। आरोप है कि नामांतरण से पहले ही साजिश रचकर रामसखी की हत्या करवा दी गई। सौतेले बेटों पर हत्या का आरोप महेश धाकड़ ने बताया कि उनकी बहन ने अपने सौतेले बच्चों को भी सगे बच्चों की तरह पाला-पोसा था, लेकिन आज उन्हीं पर हत्या कराने का आरोप लग रहा है। उन्होंने कहा कि परिवार के भीतर की यह घटना बेहद दुखद और चौंकाने वाली है। महेश धाकड़ के अनुसार, जून माह में उनके बहनोई लक्ष्मी नारायण की ग्वालियर में बीमारी के चलते मौत हो गई थी। उस समय रामसखी और शिवराम उनके साथ थे। इसी दौरान शिवराज ने अपने भाई साहब सिंह को पिता की मौत की सूचना दी, जिसके बाद साहब सिंह ने घर के ताले तोड़कर सोना-चांदी हड़प लिया था। उस समय परिवार ने मामले को दबा दिया, लेकिन अब जमीन को लेकर विवाद बढ़ गया और हत्या की घटना सामने आ गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की जांच इस मामले में तेंदुआ थाना प्रभारी नीतू सिंह धाकड़ का कहना है कि अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
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