संभल में सरकारी जमीन से मस्जिद हटाई जाएगी:बुलडोजर एक्शन से निर्माण हटेगा, हाइड्रा से 35 फीट ऊंची मीनार उतरेगी




संभल में सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनी एक मस्जिद को आज प्रशासन हटाएगा। यह मस्जिद खेल के मैदान और खाद के गड्ढे की 700 वर्ग मीटर भूमि पर गौसुल मदरसा और पांच दुकानों के साथ बनाई गई थी। मुस्लिम समुदाय ने पहले ही मदरसा और दुकानों का 80 प्रतिशत हिस्सा बुलडोजर से तोड़ दिया था, लेकिन मस्जिद का निर्माण नहीं हटाया गया था। संभल के थाना असमोली क्षेत्र के गांव मुबारकपुर बंद का है। लेखपाल सुरेंद्र कुमार के अनुसार, गाटा संख्या 630 खेल का मैदान है, जिसके 0.126 एयर (लगभग 150 वर्गमीटर) हिस्से पर मदरसा और मस्जिद का निर्माण किया गया था। खाद के गड्ढे की गाटा संख्या 623 में 540 वर्गमीटर भूमि पर मदरसा, मस्जिद और पांच दुकानें बनी हुई थीं। लेखपाल ने यह भी बताया कि इसी गाटा संख्या 623 में एक मकान की बैठक और एक रास्ता भी है। ढाई बीघा भूमि पर प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल भी बने हुए हैं, जो खेल के मैदान के नाम पर दर्ज है। 28 मार्च को भूमि की पैमाइश की गई थी। इसके बाद मुस्लिम समुदाय ने 31 मार्च से मदरसा गौसुल और पांच दुकानों को तोड़ना शुरू कर दिया। मस्जिद कमेटी और ग्राम प्रधानपति हाजी मुनव्वर की मांग पर प्रशासन ने बुलडोजर उपलब्ध कराया। प्रशासन ने 5 अप्रैल को ₹2100 लेकर दो घंटे में मदरसा और दुकानों को ध्वस्त कर दिया। ग्रामीणों ने अपने हाथों से मस्जिद को नहीं तोड़ा और प्रशासन से ही इसका निर्माण हटाने की मांग की। मदरसा और दुकानें तोड़ने के लिए गांव के आबिद को 80,000 रुपये का ठेका दिया गया था। जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया के आदेश पर एसडीएम निधि पटेल ने नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल के निर्देशन में एक टीम गठित की है। इस टीम में राजस्व निरीक्षक चंद्रपाल सिंह, अमीरचंद्र, हल्का लेखपाल सुरेंद्र सिंह, पीयूष शर्मा, मुकेश कुमार यादव, विकास कुमार, सुनील कुमार, अनुराग शर्मा और सुभाष चंद्र शामिल हैं।
यह टीम आज गांव पहुंचेगी और अवैध रूप से बनी मस्जिद को हटाएगी। गाटा संख्या 623 (रकवा 0.112 हेक्टेयर, खाद का गड्ढा) और गाटा संख्या 630 (रकवा 0.126 हेक्टेयर, खेल का मैदान) की पैमाइश भी की जाएगी। ध्वस्त दुकानों में गांव निवासी हामिद पुत्र नूरुद्दीन की समोसा-पकौड़े की दुकान, अफजल पुत्र सुलेमान की हरी सब्जी की दुकान, शाने आलम पुत्र पीर बख्श की समोसा-पकौड़े की दुकान, फरमान पुत्र कल्लू का मेडिकल स्टोर और अजगर पुत्र इलियास का जन सेवा केंद्र शामिल था। ग्राम प्रधानपति के अनुसार मस्जिद को तोड़ने से पहले स्कूलों को छोड़कर ग्राम समाज में बनी अन्य संपत्ति को तोड़ने की मांग कर रहें है।



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