संभल से सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने सपा विधायकों को लेकर अखिलेश यादव की टिप्पणी का समर्थन किया। साथ ही उन्होंने पुलिस-प्रशासन पर सत्ता के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने सोमवार रात अपने आवास पर मीडिया से बातचीत के दौरान यह बात कही। सांसद बर्क ने संभल एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई और बरेली साउथ एसपी अंशिका वर्मा के जोधपुर में आयोजित रिसेप्शन में शामिल हुए सपा विधायकों पर अखिलेश यादव की टिप्पणी को लेकर कहा, “जब हमारे नेता ने टिप्पणी कर दी है, तो मुझे कुछ कहने की जरूरत नहीं है। वो हमारे नेता हैं और उनकी बात ही अंतिम है। मैं समझता हूं कि उन्होंने जो कहा है, वह सही है।” उन्होंने कहा कि वह अपने नेता के खिलाफ बयान नहीं दे सकते और अखिलेश यादव ने लोगों की भावना को ध्यान में रखकर ही बयान दिया होगा। पुलिस-प्रशासन पर निशाना साधते हुए बर्क ने आरोप लगाया कि अधिकारी सत्ता के इशारे पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संवैधानिक रूप से मिली मजहबी स्वतंत्रता को कोई नहीं छीन सकता, हालांकि लोगों को परेशान जरूर किया जा सकता है। योगी आदित्यनाथ के कुओं को कब्जा मुक्त कराने के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन ने इस कार्रवाई के जरिए अपनी पीठ थपथपाने का काम किया है और सरकार की नजरों में अच्छा बनने की कोशिश की है। बर्क ने कहा कि जिन कुओं की बात की जा रही है, उनका उपयोग समय के साथ बंद हो गया था और किसी ने उन पर कब्जा नहीं किया था। अगर अब उन्हें फिर से चालू किया जा रहा है, तो इसमें कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों के लोगों को अपने-अपने धार्मिक कार्य करने की संवैधानिक आजादी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनका मजहब किसी अन्य धर्म में हस्तक्षेप की इजाजत नहीं देता और सभी को अपने अधिकारों के तहत स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।
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