मेरठ के सेंट्रल मार्किट इलाके में 44 संपत्तियों के सील होने के बाद शेष 816 पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। सुप्रीम सख्ती के बाद आवास एवं विकास परिषद आगे की कार्रवाई से जुड़ी रणनीति तैयार करने में जुट गया है। इसके पहले चरण में सभी संपत्ति मालिकों को नोटिस दिए जाने हैं। माना जा रहा है कि तीन दिन के भीतर आवास एवं विकास परिषद नोटिस वितरण की कार्रवाई शुरु कर सकता है। नोटिस मिलने के 15 दिन के भीतर इन संपत्तियों के मालिकों को कमर्शियल एक्टिविटी बंद कर निर्धारित सेटबैक छोड़ना होगा। पहले समझिए सेंट्रल मार्किट का गणित
सेंट्रल मार्किट में कुल 860 संपत्तियां हैं, जिन्हें नियमों को ताक पर रखकर तैयार किया गया है। यह सभी या तो आवास रहे या फिर आवासीय जमीन। लेकिन जमीन के मालिक ने नियमों को नजर अंदाज कर यहां कमर्शियल निर्माण कर डाला। इनके खिलाफ शिकायत हुई, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया और पहले चरण में 44 संपत्तियों को सील करा दिया। अब 816 संपत्तियां हैं, जिन पर एक्शन की तैयारी है। नोटिस तैयार करने में जुटा विभाग
आवास एवं विकास परिषद सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद एक्शन में दिखाई दे रहा है। उसने कोर्ट से मिले निर्देशों के अनुसार 816 संपत्ति मालिकों के लिए नोटिस तैयार करने शुरु कर दिए हैं। नोटिस तैयार करने में समय लग रहा है, क्योंकि इसमें संपत्ति के नक्शे की कॉपी के साथ ही सुप्रीम कोर्ट का छह पेज का आदेश भी नत्थी किया जा रहा है। मंगलवार से शुरु हो सकता है वितरण
आवास एवं विकास परिषद को बड़ी संख्या में नोटिस तैयार करने पड़ रहे हैं। शायद यही वजह है कि अफसर इस मामले में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो मंगलवार से नोटिस वितरण की प्रक्रिया शुरु की जा सकती है। इसके लिए आवास एवं विकास परिषद के अफसरों ने पुलिस-प्रशासन से भी संपर्क साधा है। 860 संपत्तियों में मकानों की संख्या 630
– 50 मीटर तक के 249 मकान
– 51 से 100 मीटर तक के 222 मकान
– 101 से 150 मीटर तक के 68 मकान
– 151 से 300 मीटर तक के 80 मकान
– 301 से 500 मीटर तक के 10 मकान
– 501 से 1200 मीटर तक के 01 मकान 860 संपत्तियों में 230 आवासीय प्लॉट
– 1 से 50 मीटर का 1 प्लॉट
– 51 से 100 मीटर के 17 प्लॉट
– 101 से 150 मीटर के 6 प्लॉट
– 151 से 300 मीटर के 124 प्लॉट
– 301 से 500 मीटर के 78 प्लॉट
– 501 मीटर से बड़े 4 प्लॉट अब जानिए सेट बैक की शर्तें
सेंट्रल मार्किट में पिछले काफी समय से सेट बैक को लेकर भ्रम की स्थिति है। यह साबित करने का प्रयास हो रहा है कि 60 मीटर तक के आवास के लिए सेट बैक जरूरी नहीं है। जबकि विभागीय सूत्रों की मानें तो नियम सब के लिए बराबर हैं। सेट बैक नहीं छोड़ा तो छोटे आवासों पर भी कार्रवाई होना तय है। सेट बैक का गणित भी समझें फ्रंट सेटबैक (F): घर के सामने, सड़क और भवन के बीच की दूरी (सामने की तरफ)।
रियर सेटबैक (R): घर के पीछे, प्लॉट की पिछली सीमा और भवन के बीच की दूरी।
साइड सेटबैक (S1): घर के दाएं और बाएं किनारों पर, पड़ोसी प्लॉट की सीमा और भवन के बीच की दूरी।
स्ट्रीट सेटबैक (S2): कॉर्नर प्लॉट के मामले में, मुख्य सड़क के अतिरिक्त दूसरी सड़क की ओर की जगह। सेंट्रल मार्किट के आवास पर सेटबैक – रेजीडेंशियल 150 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 1 मीटर, रियर सेटबैक शून्य, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य।
– रेजीडेंशियल 151 वर्ग मीटर से 300 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 3 मीटर, रियर सेटबैक 1.5 मीटर, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य।
– रेजीडेंशियल 300 वर्ग मीटर से 500 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 3 मीटर, रियर सेटबैक 3 मीटर, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य। कमर्शियल के लिए सेटबैक – कमर्शियल 100 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 1.5 मीटर, रियर सेटबैक शून्य, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य।
– कमर्शियल 101 वर्ग मीटर से 300 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 3 मीटर, रियर सेटबैक शून्य, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य।
– कमर्शियल 301 वर्ग मीटर से 1000 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 4.5 मीटर, रियर सेटबैक 3 मीटर, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य। नोटिस के बाद मिलेगा 15 दिन का समय उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह बताते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने इन संपत्तियों को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं। नोटिस तैयार हो रहे हैं, जिनका जल्द वितरण शुरु हो जाएगा। इसके बाद केवल 15 दिन का समय संपत्ति स्वामी को मिलेगा। 16वें दिन से आवास एवं विकास परिषद कार्रवाई करेगा।
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