हाथरस के मुरसान कोतवाली क्षेत्र के गारव गढ़ी गांव में धर्म परिवर्तन के शक में एक व्यक्ति और उसकी पत्नी को जूते की माला पहनाई गई। यह घटना एक पंचायत के दौरान हुई, जहां पिता और भाई ने मिलकर उन्हें जूते की माला पहनाई और उनके पारिवारिक व सामाजिक बहिष्कार की घोषणा की। जानकारी के अनुसार, गांव का निवासी बलराम अपनी पत्नी और बच्चे के साथ आगरा में रहता था, जहां वह झूला चलाने का काम करता था। होली के अवसर पर वह अपने गांव आया हुआ था। गांव आने के बाद उसने राम-राम कहना और प्रसाद आदि खाना छोड़ दिया था, जिससे परिवार के अन्य सदस्यों को उस पर शक हुआ। आज बलराम का अपने पिता शिवराज से झगड़ा हो गया। इस दौरान शिवराज और बलराम के एक भाई ने बलराम के साथ मारपीट की, जिसके जवाब में बलराम ने भी अपने पिता से मारपीट की। घटना के बाद अन्य ग्रामीण भी मौके पर एकत्रित हो गए और एक पंचायत बुलाई गई। पंचायत में बलराम के पिता शिवराज ने आरोप लगाया कि उनके बेटे बलराम ने ईसाई धर्म अपना लिया है। इसी कारण उन्होंने बलराम का पारिवारिक और सामाजिक बहिष्कार करने की घोषणा की। जब बलराम की पत्नी मीना अपने पति के पक्ष में आईं, तो इन लोगों ने बलराम और उसकी पत्नी दोनों को जूते की माला पहना दी। पिता और भाई को लिया हिरासत में… इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। घटना की सूचना मिलने पर देर शाम पुलिस गांव पहुंची और जांच पड़ताल शुरू की। पुलिस ने बलराम के साथ उसके पिता और भाई को हिरासत में ले लिया है। सीओ सिटी योगेंद्र कृष्ण नारायण ने बताया कि मामले में जांच जारी है और नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। जूते की माला पिता और भाई ने ही पहनाई है।
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