वाराणसी के परिषदीय स्कूलों में छात्रों की संख्या कम हुई है। इसके लिए शिक्षकों को भी जिम्मेदार माना गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जनपद के 65 ऐसे विद्यालयों की सूची तैयार कराई है जिसमें इस नए शैक्षणिक सत्र में एक भी नए छात्रों का प्रवेश नहीं हुआ है। BSA ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि इसके लिए शिक्षकों का भी वेतन काटा जाएगा। इस शैक्षणिक सत्र में जनपद के 1145 विद्यालयों के लिए 1,84,929 नामांकन का लक्ष्य है। अभी तक 1,39,851 बच्चों का ही नामांकन हो पाया है। बीएसए ने प्रत्येक विद्यालय से प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए कहा है। कमजोर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों की अलग सूची तैयार की जा रही है। BSA का कहना है कि यह सिर्फ लक्ष्य पूरा करने का मामला नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर शून्य नामांकन वाले विद्यालयों में सुधार सुनिश्चित करें। साथ ही अभिभावकों को जागरूक कर बच्चों का स्कूलों में प्रवेश कराने पर जोर दिया जा रहा है। बता दें कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी वाराणसी पहुंचे थे। यहां पर उन्होंने शिवपुर कंपोजिट विद्यालय में स्कूल चलो अभियान कार्यक्रम में शामिल हुए थे। उन्होंने संकेत दिए थे कि स्कूलों में बच्चों की कमी के पीछे कहीं न कहीं शिक्षकों की भी उदासीनता है।
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