विश्व शांति महोत्सव का दूसरा दिन शहीदों के नाम:गयाजी से देशभक्ति, इंसानियत का संदेश, कविता-शायरी से गूंजा गांधी मैदान




गयाजी के ऐतिहासिक गांधी मैदान में चल रहे विश्व शांति महोत्सव का दूसरा दिन अमर शहीदों के नाम समर्पित रहा। पूरे कार्यक्रम में देशभक्ति, इंसानियत और शांति का संदेश प्रमुखता से देखने को मिला। मंच से शायरों और कवियों की प्रस्तुति ने ऐसा माहौल बनाया कि दर्शक देर रात तक तालियों से उनका उत्साह बढ़ाते रहे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी राहुल कुमार, पीस एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ एसएन सिंह, संरक्षक अशोक दा, सचिव इकबाल हुसैन समेत कई अतिथियों ने संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। इसके बाद बैलून उड़ाकर शांति का संदेश दिया गया। समाज को जोड़ने की एक मजबूत कोशिश समारोह के दूसरे दिन शहादत दिवस के रूप में मनाया गया। पूरे कार्यक्रम में एक अलग ही भावनात्मक माहौल दिखा। मुशायरा और कवि सम्मेलन के जरिए शायरों और कवियों ने अपनी रचनाओं से प्रेम, भाईचारा, एकजुटता का संदेश दिया। यह आयोजन सिर्फ सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि कार्यक्रम में समाज को जोड़ने की एक मजबूत कोशिश उभर कर सामने आई। निबेंदु भट्टाचार्य की गजल ने लोगों को बांधे रखा। ‘चिट्ठी न कोई संदेश…’ और ‘मैं न हिन्दू न मुसलमान…’ जैसे प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाई। शायरों ने भी अपनी रचनाओं से माहौल को खास बना दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी दर्शकों का दिल जीत लिया। वायरस डांस अकादमी की प्रस्तुति खास रही। शहीद भगत सिंह को समर्पित एक्ट, ‘ख्वाजा मेरे ख्वाजा…’ पर सूफी डांस और ‘संदेशे आते हैं…’ गीत पर भावुक प्रस्तुति ने माहौल को देशभक्ति से भर दिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के पदाधिकारियों और सदस्यों की अहम भूमिका रही। गयाजी से शांति का संदेश कार्यक्रम में अतरी विधायक रोमित कुमार भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जब दुनिया के कई हिस्सों में तनाव और युद्ध का माहौल है, ऐसे समय में गयाजी से शांति का संदेश जाना बड़ी बात है। इस पहल को सराहनीय बताया। बेलागंज विधायक मनोरमा देवी ने कहा कि गयाजी की धरती ने दुनिया को महात्मा बुद्ध जैसा शांति का संदेश देने वाला महापुरुष दिया है। ऐसे में यहां से विश्व शांति का संदेश जाना गर्व की बात है।



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