कोटा से एक दंपति ने अपने छोटे बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए बाजार में मिलने वाले जंक फूड का हेल्दी विकल्प तैयार किया। जहां सृष्टि जैन और उनके पति अमन जैन ने मिलकर “EatElite” नाम से एक ऐसा स्टार्टअप शुरू किया है, जो मिलेट्स यानी मोटे अनाज से बने पौष्टिक और स्वादिष्ट फूड प्रोडक्ट्स तैयार कर रहा है। इस स्टार्टअप की शुरुआत एक बेहद निजी सोच से हुई—अपने बच्चे को ऐसा खाना देना जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पूरी तरह से हेल्दी भी हो। इसी विचार ने धीरे-धीरे एक बिजनेस का रूप ले लिया। सृष्टि जैन बताती हैं कि इन प्रोडक्ट्स को तैयार करने में उन्हें करीब 2 साल का समय लगा, जिसमें लगातार रिसर्च और डेवलपमेंट किया गया। EatElite के तहत फिलहाल 11 तरह के प्रोडक्ट्स बाजार में उपलब्ध हैं, जिन्हें तीन प्रमुख कैटेगरी में बांटा गया है। पहली कैटेगरी ब्रेकफास्ट सीरियल की है, जिसमें चॉकलेट म्यूसली, फ्रूट एंड नट म्यूसली और चोकोस शामिल हैं। दूसरी कैटेगरी पैनकेक और वॉफल मिक्स की है, जो बनाना चोकोचिप, स्ट्रॉबेरी और वैनिला फ्लेवर में उपलब्ध हैं। वहीं तीसरी कैटेगरी स्नैक्स की है, जिसमें मल्टीग्रेन बॉल्स, चिप्स, रागी स्टिक्स, रागी चोको फिल्स और स्ट्रॉबेरी फिल्स जैसे आइटम शामिल हैं। इन सभी प्रोडक्ट्स की खासियत यह है कि इनमें 30 से 50 प्रतिशत तक मिलेट्स का उपयोग किया गया है, जबकि बाजार में मौजूद कई प्रोडक्ट्स में यह मात्रा 10 प्रतिशत से भी कम होती है। साथ ही इनमें रिफाइंड शुगर, पाम ऑयल, मैदा या किसी भी प्रकार के प्रिजर्वेटिव्स का इस्तेमाल नहीं किया जाता। प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल होने वाले मिलेट्स में रागी, ज्वार और बाजरा जैसे प्रमुख अनाज शामिल हैं, साथ ही कोदो, सांवा, कंगनी, कुटकी और क्विनोआ जैसे छोटे मिलेट्स भी उपयोग में लिए जाते हैं। ये सभी अनाज पोषण से भरपूर होते हैं और बच्चों की ग्रोथ के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं। अमन जैन ने बताया की इस स्टार्टअप में अब तक करीब 20 लाख रुपये का निवेश किया जा चुका है, जिसमें प्रोडक्ट डेवलपमेंट, पैकेजिंग, मैन्युफैक्चरिंग और ब्रांड बिल्डिंग शामिल है। हमने दक्षिण भारत के मिलेट्स का भी इसमें उपयोग किया गया है। उन्होंने बताया कि स्टार्टअप को शुरुआती दौर में ही अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है और लोग अब हेल्दी फूड की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। यह पहल न केवल बच्चों के लिए सुरक्षित और पौष्टिक विकल्प दे रही है, बल्कि लोगों में सही खानपान के प्रति जागरूकता भी बढ़ा रही है।
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