गयाजी में बिजली व्यवस्था तेजी से बदल रही है। स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने की रफ्तार ने नया आंकड़ा छू लिया है। गया सर्किल में अब तक 2 लाख 815 स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। इसमें करीब 1.80 लाख कनेक्शन गया में और 20 हजार से ज्यादा जहानाबाद में हैं। लक्ष्य अभी 7 लाख से ज्यादा मीटर लगाने का है। शहर से लेकर गांव तक इंस्टॉलेशन का काम चल रहा है। गोलपत्थर, चांदचौरा, वजीरगंज, टेकारी, बोधगया, मानपुर व शेरघाटी जैसे इलाकों में टीमें लगातार घर-घर पहुंच रही हैं। कई जगह पर उपभोक्ता खुद आगे आकर मीटर लगवा रहे हैं, लेकिन कुछ इलाकों में अभी भी हिचक और सवाल बने हुए हैं। बिजली कंपनी की ओर से दावा है कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए फायदे का सौदा है। सामान्य मीटर की तुलना में 25 पैसे प्रति यूनिट सस्ती बिजली मिलने की बात कही जा रही है। हर रिचार्ज पर 3 प्रतिशत अतिरिक्त लाभ भी जोड़ा जा रहा है। इतना ही नहीं, 2000 रुपये से ज्यादा बैलेंस रखने पर ब्याज जैसा फायदा मिलने की बात भी कही जा रही है अप्रैल से लागू ‘टैरिफ ऑफ द डे’ सिस्टम को भी बड़ा बदलाव बताया जा रहा है। इसके तहत सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली 20 प्रतिशत सस्ती मिलती है। यानी दिन में ज्यादा खपत करने वाले उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है। रिचार्ज-बैलेंस खत्म होने की चिंता हालांकि, जमीनी स्तर पर तस्वीर पूरी तरह एक जैसी नहीं है। कुछ उपभोक्ता जहां इसे पारदर्शी और कंट्रोल वाला सिस्टम बता रहे हैं। कुछ लोगों को रिचार्ज और बैलेंस खत्म होने की चिंता भी है। खासकर ग्रामीण इलाकों में लोगों को अब भी सिस्टम समझने में दिक्कत हो रही है। केंद्रीय बिजली प्राधिकरण ने नियमों में बदलाव कर उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत दी है। अब उपभोक्ता के पास विकल्प है कि वह मीटर को प्रीपेड मोड में चलाए या पोस्टपेड में रखे। हालांकि, प्रीपेड मोड में ही सस्ती बिजली और अतिरिक्त फायदे मिलेंगे।
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