नरसिंहपुर जिला मुख्यालय के कोतवाली थाने में सोमवार शाम प्रशासन ने शहर के सभी डीजे संचालकों की बैठक बुलाई। इसमें जवारा विसर्जन के दौरान डीजे की तेज ध्वनि से हुई पूर्व पार्षद की मौत और घरों में कंपन से हुए नुकसान के बाद सख्त निर्देश दिए गए। एसडीएम और एसडीओपी ने संचालकों को स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रहवासी और सघन इलाकों में ध्वनि नियंत्रण अनिवार्य एसडीएम मणिंद्र कुमार सिंह और एसडीओपी मनोज गुप्ता ने संचालकों को आबादी वाले क्षेत्रों में आवाज सीमित रखने की हिदायत दी। अधिकारियों ने कहा कि यदि तेज शोर के कारण किसी नागरिक को परेशानी होती है या शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित संचालक के विरुद्ध तत्काल सख्त एक्शन लिया जाएगा। आयोजन समितियों के दबाव पर पुलिस को दें सूचना बैठक में डीजे संचालकों ने तर्क दिया कि आयोजन समितियां भुगतान रोकने की धमकी देकर तेज आवाज में गाने बजवाने का दबाव बनाती हैं। इस पर पुलिस अधिकारियों ने निर्देश दिए कि ऐसे दबाव की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करें। बाहरी जिलों के डीजे पर रहेगी विशेष नजर संचालकों ने शहर में बाहरी जिलों से आने वाले डीजे सिस्टमों का मुद्दा भी उठाया। पुलिस प्रशासन ने स्थानीय संचालकों से बाहरी डीजे के आगमन की पूर्व सूचना देने को कहा है ताकि उन पर भी नियमों के तहत निगरानी रखी जा सके। पूर्व पार्षद की मौत के बाद प्रशासन अलर्ट पटेल वार्ड के पूर्व पार्षद सूरज साहू की जवारा विसर्जन यात्रा के दौरान डीजे के शोर से आए हार्ट अटैक के कारण मौत हो गई थी। इस घटना के बाद समाजसेवियों और नागरिकों ने ज्ञापन सौंपकर ध्वनि प्रदूषण पर लगाम लगाने की मांग की थी, जिसके बाद यह बैठक आयोजित की गई।
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