पंजाब सरकार द्वारा भूमि के पारिवारिक बंटवारे के आधार पर इंतकाल दर्ज करने संबंधी जारी निर्देशों के बाद, डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने आदेश दिए हैं कि आपसी सहमति वाले मामलों में इंतकाल 30 दिनों के भीतर दर्ज किया जाना सुनिश्चित किया जाए। डीसी ने बताया कि कई बार लोग अपनी जमीन का पारिवारिक बंटवारा तो कर लेते हैं, लेकिन समय पर इंतकाल दर्ज न होने से बाद में पारिवारिक विवाद उत्पन्न हो जाते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए पंजाब सरकार ने 13 अप्रैल से एक विशेष अभियान शुरू करने का निर्देश दिया है। इस अभियान के तहत पारिवारिक समझौतों के आधार पर भूमि के बंटवारे संबंधी इंतकाल दर्ज कर स्वीकृत किए जाएंगे। गांवों में मुनादी और कैंप लगाने के निर्देश डीसी ने सभी तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे लोगों को इस अभियान के बारे में जागरूक करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जैसे ही किसी व्यक्ति, परिवार या खेवटदार द्वारा सभी पक्षों के हस्ताक्षरयुक्त बंटवारे का नक्शा प्रस्तुत किया जाएगा, पटवारी तुरंत उसके आधार पर इंतकाल दर्ज करेगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक पटवारी अपने अधिकार क्षेत्र के हर गांव में सरकार की इस योजना के संबंध में मुनादी करवाए। साथ ही, गांवों में कैंप लगाकर अधिक से अधिक लोगों को इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। डीसी करेंगे साप्ताहिक निगरानी डिप्टी कमिश्नर ने घोषणा की कि वे स्वयं इस कार्य की साप्ताहिक निगरानी करेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरी प्रक्रिया 30 दिनों के भीतर पूरी की जाए, ताकि जिले में पारिवारिक बंटवारे से संबंधित अधिक से अधिक इंतकाल स्वीकृत किए जा सकें। ऑनलाइन लिंक उपलब्ध, पटवारियों को पोर्टल पर आवेदन दर्ज करने के निर्देश डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि पंजाब सरकार ने इस संबंध में एक ऑनलाइन लिंक (https://jamabandi.punjab.gov.in/RequestForPartition.aspx) भी उपलब्ध कराया है। उन्होंने कहा कि इस लिंक की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई जाए और पटवारियों को सीधे प्राप्त होने वाले आवेदनों को भी पोर्टल पर दर्ज करना सुनिश्चित किया जाए।
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