Schools Face Recognition Loss for Forcing Book, Dress Purchases



बेगूसराय के निजी स्कूलों की मनमानी और अभिभावकों के आर्थिक शोषण पर जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। DM श्रीकांत शास्त्री ने जिले के सभी निजी विद्यालयों के लिए कड़ा आदेश जारी करते हुए अवैध वसूली और सिंडिकेट राज को खत्म करने का आदेश दि

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डीएम ने कहा है कि नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के शुरू होते ही अभिभावकों से मिल रही गंभीर शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई है। डीएम ने स्पष्ट किया कि कई स्कूल नियमों के विरुद्ध जाकर फिर से नामांकन शुल्क (Re-admission Fees), भारी-भरकम वार्षिक शुल्क और अन्य अनुचित मदों में पैसे वसूल रहे हैं।

ऊंचे दामों पर किताबें मिल रही

इसके अलावा स्कूलों की ओर से तय दुकानों से ऊंचे दामों पर किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर करना आर्थिक दोहन माना जाएगा। अगली कक्षा में जाने वाले बच्चों से री-एडमिशन के नाम पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। स्कूल अब किसी खास दुकान या संस्था से सामग्री खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकते।

अभिभावक अपनी सुविधा और बजट के अनुसार बाजार में कहीं से भी किताबें और ड्रेस खरीद सकेंगे। स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि यूनिफॉर्म के स्वरूप में कम से कम 3 साल तक कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। कोई भी निजी स्कूल एक साल में 7 प्रतिशत से अधिक शुल्क नहीं बढ़ा सकता है।

15 अप्रैल तक सभी स्कूलों को अपनी वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर किताबों की लिस्ट, ड्रेस की विशिष्टता (Specifications) और पूरा फीस स्ट्रक्चर सार्वजनिक करना अनिवार्य है। बिहार निजी विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम 2019 के तहत उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

जुर्माना राशि बढ़ाकर 2 लाख रुपए कर दी जाएगी

पहली बार उल्लंघन करने पर न्यूनतम 1 लाख रुपए का जुर्माना होगा। दूसरी बार गलती करने जुर्माना राशि बढ़ाकर 2 लाख रुपए कर दी जाएगी। तीसरी बार उल्लंघन करने पर संबंधित विद्यालय की प्रस्वीकृति (Recognition) रद्द करने की प्रक्रिया शुरू होगी। सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) को अपने क्षेत्रों में कड़ी निगरानी करने का आदेश दिया गया है।

इसकी दैनिक रिपोर्ट सीधे जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) को सौंपने का आदेश दिया गया है। डीएम ने कहा है कि विद्यालय संचालन किसी व्यक्ति या समूह की ओर से फायदा कमाने के उद्देश्य से नहीं किया जा सकता। अगर कोई स्कूल अनुचित के लिए अभिभावकों को प्रताड़ित करता है, तो कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।



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