सिंगरौली में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में विधायक रामनिवास शाह का बयान काफी चर्चा में है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि 33% आरक्षण से महिलाओं को बराबरी का हक तो मिलेगा, लेकिन असली बदलाव तब आएगा जब ‘सरपंच पति’ जैसी मानसिकता खत्म होगी। इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री के भाषण का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। ‘सरपंच पति’ वाली सोच बदलनी होगी विधायक रामनिवास शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को बराबरी का दर्जा देना चाहते हैं, इसीलिए आरक्षण की व्यवस्था की गई है। उन्होंने यह भी माना कि आज भी कई जगहों पर महिलाएं खुलकर काम नहीं कर पा रही हैं और उनके अधिकारों का इस्तेमाल घर के पुरुष कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज को ‘सरपंच पति’ या ‘पार्षद पति’ वाले ढर्रे से बाहर निकलना होगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह बदलाव धीरे-धीरे ही आएगा। महिलाओं ने किया समर्थन कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने भी विधायक की बात का समर्थन किया। एक महिला हितग्राही ने कहा कि महिलाओं की पहचान उनके पति के पद से होना गलत है, उन्हें खुद आत्मनिर्भर और सशक्त बनना चाहिए। प्रधानमंत्री का संबोधन और सम्मान प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में महिलाओं की आत्मनिर्भरता और लोकतंत्र में उनकी भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। इस मौके पर देवसर विधायक राजेंद्र मेश्राम, कलेक्टर गौरव बैनल और अन्य बड़े अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतरीन काम करने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया गया।
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