रूस में फंसे 3 पंजाबी युवक वतन लौटे:वेतन मांगने पर जेल भिजवाया, कम खाना दिया-करंट लगाया, सांसद सींचेवाल के प्रयास से रिहा




रूस में फंसे जालंधर, मोहाली और तरनतारन के तीन पंजाबी युवक सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं। इनमें नकोदर निवासी अशोक कुमार भी शामिल हैं, जिन्होंने राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल के प्रयासों के लिए उनका धन्यवाद किया। अशोक ने बताया कि उन्हें रूस की जेल में 22 दिन बिताने पड़े, जहां उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अशोक कुमार ने बताया कि वह रोजगार की तलाश में 19 जनवरी को लगभग 3 लाख रुपये खर्च कर मॉस्को गए थे। एक ट्रैवल एजेंट ने उन्हें 90 हजार से 1 लाख रुपये मासिक वेतन, रहने-खाने की सुविधा और एक साल की नौकरी की गारंटी का भरोसा दिया था, लेकिन वहां पहुंचने पर ये सभी वादे झूठे निकले। वेतन मांगने पर पुलिस के हवाले, 22 दिन जेल में बिताए दो महीने तक काम करने के बाद जब 20 मार्च को वेतन मिलना था, तो 13 मार्च की रात को कंपनी मालिक ने उन्हें और उनके साथियों को पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद उन्हें 22 दिनों तक जेल में रहना पड़ा। जेल में कम खाना, करंट लगाने का आरोप अशोक ने बताया कि वहां बहुत कम मात्रा में खाना दिया जाता था, जिससे सिर्फ जीवित रहा जा सके। कई बार कैदियों को कथित तौर पर करंट भी लगाया जाता था। उन्होंने यह भी बताया कि जेल में दिए जाने वाले खाने के आधे घंटे बाद गहरी नींद आ जाती थी, जिससे जागना मुश्किल होता था। उन्हें आज भी अपने शरीर में उस प्रभाव का असर महसूस होता है, मानो कोई दवा दी गई हो। आर्थिक और मानसिक रूप से टूटे, संत सीचेवाल का जताया आभार अशोक ने कहा कि ट्रैवल एजेंट द्वारा ठगे जाने के कारण वह आर्थिक और मानसिक रूप से टूट चुके हैं। उन्होंने सुल्तानपुर लोधी स्थित निर्मल कुटिया पहुंचकर संत बलबीर सिंह सीचेवाल का आभार व्यक्त किया, जिनके प्रयासों से वे सुरक्षित वतन लौट पाए। अशोक ने दावा कि वहां की एक बड़ी जेल में अभी भी करीब 100 भारतीय फँसे हुए हैं, जिनमें से कई इसी तरह कंपनियों के झांसे का शिकार हुए हैं। फर्जी एजेंटों से बचने की अपील, सही तरीके से विदेश जाने की सलाह राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने पंजाब के युवाओं से अपील की है कि वे फर्जी ट्रैवल एजेंटों के झांसे में न आएं और विदेश जाने के लिए केवल अधिकृत और पंजीकृत एजेंटों का ही सहारा लें। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ मामलों में एजेंट युवाओं को विदेश में बंधक बनाकर उनकी आपत्तिजनक वीडियो बनाकर परिवार से पैसे वसूलते हैं। उन्होंने कहा कि विदेश जाना गलत नहीं है, लेकिन सही और कानूनी तरीके से जाना बेहद जरूरी है। संत सीचेवाल के प्रयासों से सुरक्षित लौटे अशोक गौरतलब है कि अशोक के परिवार ने 29 मार्च को संत सीचेवाल से मुलाकात की थी, जिसके बाद उनके प्रयासों और विदेश मंत्रालय के सहयोग से अशोक 1 अप्रैल को सुरक्षित भारत लौट आया।



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