किशनगंज में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर ठाकुरगंज स्थित डीडीसी मार्केट परिसर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें बड़ी संख्या में राजनीतिक, गैर-राजनीतिक हस्तियों, समाजसेवियों और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया और बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने डॉ. अंबेडकर के बताए मार्ग पर चलने और उनके विचारों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. अंबेडकर ने संविधान की रचना कर देश को एक मजबूत लोकतांत्रिक आधार प्रदान किया। उन्होंने समाज के हर वर्ग को समान अधिकार दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया। अनेक कठिनाइयों का सामना करते हुए शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार बनाया वक्ताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि बाबा साहेब ने अपने जीवन में अनेक कठिनाइयों का सामना करते हुए शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार बनाया। उन्होंने समाज को यह संदेश दिया कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जिससे व्यक्ति अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकता है। वकील संघ के अध्यक्ष शिशिर कुमार दास ने कहा कि शिक्षा के बिना व्यक्ति का कोई सच्चा मित्र नहीं होता और न ही वह एक बेहतर अभिभावक बन सकता है। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने की अपील की। समाज के दबे-कुचले वर्गों को आवाज दी अधिवक्ता कौशल किशोर यादव ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहेब ने समाज के दबे-कुचले वर्गों को आवाज दी और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि उनके विचारों को केवल भाषणों तक सीमित न रखकर व्यवहार में उतारने की आवश्यकता है। बिजली प्रसाद सिंह ने डॉ. अंबेडकर के जीवन को प्रेरणास्रोत बताया और कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी संघर्ष करते रहना ही उनकी सबसे बड़ी सीख है। अमरजीत चौधरी ने कहा कि बाबा साहेब के विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक हैं और उन्हें जन-जन तक पहुंचाना आवश्यक है। कार्यक्रम के अंत में, सभी उपस्थित लोगों ने डॉ. अंबेडकर के बताए मार्ग पर चलने तथा शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के मूल्यों को अपनाने का संकल्प दोहराया। यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
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