रेलवे ने जयपुर और उदयपुर के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेन को अब नियमित सुपरफास्ट एक्सप्रेस के रूप में शुरू करने का फैसला किया है। इससे रोजाना सफर करने वाले लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। पहले यह ट्रेन स्पेशल सेवा के रूप में चलती थी, लेकिन अब इसे नियमित कर दिया गया है, जिससे यात्रियों को समय पर और बेहतर यात्रा का विकल्प मिलेगा। नई व्यवस्था आज से लागू उत्तर पश्चिम रेलवे के अनुसार, यह नई व्यवस्था 15 अप्रैल से लागू होगी। गाड़ी संख्या 20993, जयपुर से सुबह 06:10 बजे रवाना होकर दोपहर 13:30 बजे उदयपुर सिटी पहुंचेगी। वहीं, वापसी में गाड़ी संख्या 20994 उदयपुर सिटी से दोपहर 15:05 बजे रवाना होकर रात 22:25 बजे जयपुर पहुंचेगी। चित्तौड़गढ़ सहित कई स्टेशनों को मिलेगा फायदा इस ट्रेन का सबसे बड़ा फायदा बीच के शहरों को मिलेगा। यह ट्रेन कनकपुरा, फुलेरा, किशनगढ़, अजमेर, नसीराबाद, बिजयनगर, भीलवाड़ा के साथ-साथ चित्तौड़गढ़ जिले के चंदेरिया स्टेशन, कपासन और उदयपुर के मावली जैसे स्टेशनों पर भी रुकेगी। इससे चित्तौड़गढ़ के यात्रियों को जयपुर और उदयपुर जाने के लिए एक तेज और सीधा विकल्प मिलेगा। खासतौर पर छात्रों, व्यापारियों और पर्यटकों के लिए यह सेवा काफी उपयोगी साबित होगी। चंदेरिया और उसके आसपास के लोगों को मिलेगी सुविधा बता दे कि उदयपुर-जयपुर इंटरसिटी भी इसी रूट पर रोज जाती है लेकिन चित्तौड़गढ़ पहुंचने का समय इंटरसिटी का सुबह 8 बजे का होता है। वापसी में यह 7:30 बजे पहुंचती है। जबकि यह ट्रेन अब जयपुर से सुबह 11:05 बजे चंदेरिया और 11:42 बजे पहुंचेगी। इसी तरह, उदयपुर से वापसी की तरफ शाम 4:13 बजे पर कपासन और शाम 4:58 बजे चंदेरिया पहुंचेगी। इंटरसिटी का चित्तौड़गढ़ जंक्शन में ठहराव होता है जबकि इस ट्रेन का ठहराव चंदेरिया में होगा। यानि अब चंदेरिया, पिठौली, आजोलिया का खेड़ा, मेडिखेडा, डेट और आसपास के लोगों को चित्तौड़गढ़ शहर तक आने की जरूरत नहीं होगी। ट्रेन में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध रेलवे ने इस ट्रेन में यात्रियों की सुविधा का खास ध्यान रखा है। इस ट्रेन में कुल 15 डिब्बे होंगे, जिनमें 2 थर्ड एसी, 2 वातानुकूलित कुर्सीयान, 3 शयनयान (स्लीपर), 6 साधारण श्रेणी के डिब्बे, 1 पावरकार और 1 गार्ड डिब्बा शामिल है। इससे हर वर्ग के यात्रियों को अपनी जरूरत और बजट के अनुसार यात्रा करने का विकल्प मिलेगा। यात्रा और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा इस नई नियमित ट्रेन सेवा से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। जयपुर और उदयपुर दोनों ही बड़े पर्यटन शहर हैं, और इनके बीच बेहतर रेल कनेक्टिविटी होने से पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है। चित्तौड़गढ़ जैसे ऐतिहासिक शहर को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा, क्योंकि यहां आने-जाने वाले पर्यटकों को अब बेहतर ट्रेन सुविधा उपलब्ध होगी।
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