जगराओं में गेहूं खरीद को लेकर किसानों का प्रदर्शन:17 अप्रैल को ट्रेन रोकने का ऐलान, किसान नेता बोले- अन्याय बर्दाश्त




जगराओं में गेहूं खरीद को सुचारु बनाने और संभावित मूल्य कटौती के विरोध में भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा के जिला अध्यक्ष जगतार सिंह देहड़का के नेतृत्व में किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय एसडीएम उपिंदरजीत कौर बराड़ से मुलाकात की। इससे पहले, किसानों ने सब-डिवीजन कार्यालय के बाहर मंडियों में आ रही परेशानियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। उन्होंने पंजाब और केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि किसानों के साथ किसी भी तरह का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर जिला सचिव इंदरजीत सिंह धालीवाल और तरसेम सिंह बसुवाल ने बताया कि किसान पहले ही मौसम की मार से परेशान हैं। इसके बावजूद, एफसीआई द्वारा मंडियों से लिए जा रहे गेहूं के नमूनों में दानों को काला और सिकुड़ा हुआ बताया जा रहा है। किसान नेता बोले- समाधान नहीं होने पर तेज होगा आंदोलन इसी आधार पर गेहूं की खरीद दर कम करने की बात कही जा रही है, जिसे किसानों के साथ सरासर अन्याय बताया गया। किसान नेताओं ने जोर देकर कहा कि किसान पहले से ही कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं और ऐसी मनमानी किसी भी कीमत पर सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसान नेताओं ने घोषणा की कि 17 अप्रैल को भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा के नेतृत्व में पूरे पंजाब में ट्रेनें रोकी जाएंगी। इसी क्रम में, जगराओं क्षेत्र के किसान उस दिन दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक जगराओं रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का चक्का जाम करेंगे। ब्लॉक सचिव रछपाल सिंह नवां डल्ला ने जानकारी दी कि पंजाब के दोनों किसान मोर्चों से जुड़े लगभग तीन दर्जन किसान संगठन इस चक्का जाम में हिस्सा लेंगे। एसडीएम से मुलाकात के बाद, किसान प्रतिनिधिमंडल ने मार्केट कमेटी के सचिव से भी भेंट की। किसानों को लामबंद करने के उद्देश्य से नई अनाज मंडी में एक रैली भी आयोजित की गई, जिसमें गलाण मजदूर यूनियन के कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया।



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