अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के हॉस्टल में हाल ही में मिले जाली नोट, कारतूस और फर्जी मार्कशीट के मामले में साध्वी प्राची ने तीखा हमला बोला। हिंदूवादी नेता साध्वी प्राची ने विवादित बयान देते हुए कहा कि एएमयू आतंकवादियों की नर्सरी पैदा करता है। उन्होंने सरकार से यूनिवर्सिटी में चल रहे अवैध धंधों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। वह बुधवार को एक कार्यक्रम में रामघाट रोड स्थित कार्यक्रम में आई हुई थीं। विभाजनकारी मानसिकता का केंद्र है AMU साध्वी प्राची ने एएमयू के इतिहास पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह वही एएमयू है जिसने हिंदुस्तान का विभाजन किया। आज भी यहां का माहौल वैसा ही है, क्योंकि यह विश्वविद्यालय आतंकवादियों की नर्सरी पैदा कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लड़कों के हॉस्टल अब पढ़ाई के लिए नहीं, बल्कि अवैध हथियारों और फर्जी मार्कशीट के भंडारण केंद्र बन गए हैं। अधिकारियों पर लगाया भू-माफिया होने का आरोप साध्वी ने केवल छात्रों पर ही नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय प्रशासन पर भी आरोप जड़े। उन्होंने कहा तीन दिन पहले हॉर्स राइडिंग की जमीन को एएमयू प्रशासन के अपनी बताने पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा एएमयू के अधिकारी सबसे बड़े भू-माफिया हैं, जिन्होंने सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे कर रखे हैं। फर्जीवाड़े की जांच कराने की मांग साध्वी प्राची ने एएमयू में फर्जी मार्कशीट पर हुए एडमिशन और नकली नोट वाले मामले पर सरकार से जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि दोषियों को चिह्नित कर उन पर ऐसी कार्रवाई हो जो नजीर बने। उन्होंने कहा कि जहां पर देश और विदेश से बच्चे अपना भविष्य बनाने आते हैं, ऐसे में वहां पर हथियारों और नकली नोट का धंधा होना छात्रों में भय की भावना को पैदा करता है। ‘आरोपी शहजाद पर लगे रासुका’ थाना क्वार्सी थाना क्षेत्र की एफएम टावर के पास रिहायसी इलाके में 7 अप्रैल की रात को एक मकान में नकाबपोश युवक ने फायरिंग की थी। इसकी पहचान पुलिस को एएमयू छात्र शहजाद के रूप में हुई। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 8 अप्रैल को एएमयू के सर जियाउद्दीन हॉल में दबिश दी थी। पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी छात्र तो फरार हो गया था, लेकिन उसके कमरे से नकली नोट, फर्जी मार्कशीट, कारतूस और मैगजीन बरामद हुई थी। इस मामले में एएमयू प्रशासन ने आरोपी छात्र को निस्कासित कर दिया था। इस प्रकरण पर साध्वी प्राची ने कहा कि महज सस्पेंड कर देने से प्रशासन की जिम्मेदारी खत्म नहीं होती। शहजाद के कमरे से जो सामान मिला है, वह साबित करता है कि वह एक आतंकवादी है। एएमयू प्रशासन ने केवल सस्पेंड करके अपना पल्ला झाड़ लिया है, जो नाकाफी है। उस पर रासुका लगनी चाहिए और उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
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