उदयपुर की प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था विद्या प्रचारिणी सभा के चेयरमैन की तरफ से बनाई गई एडहॉक कमेटी और वर्तमान प्रबंधन के बीच विवाद बढ़ गया है। बुधवार को एडहॉक कमेटी के पदाधिकारी चार्ज लेने बीएन यूनिवर्सिटी में सभा के ऑफिस पहुंचे तो उन्हें रजिस्ट्रार सहित मैनेजमेंट डिपार्टमेंट के ऑफिस में ताले लगे मिले। एडहॉक कमेटी सदस्य नरेन्द्र सिंह कच्छावा ने कहा- पूर्व कार्यकारिणी की तरफ से हमें कोई सहयोग नहीं मिला। हम सुबह से शाम तक सभा परिसर में डटे रहे लेकिन एडहॉक कमेटी चेयरमैन युवराज सिंह झाला को चार्ज नहीं दिया गया। हमारा उद्देश्य संस्था की ऑडिट करवाना है लेकिन ये मूल मुद्दे से भटकाना चाहते हैं। वहीं, दूसरी ओर वर्तमान प्रबंधन के पदाधिकारियों ने इन नियुक्तियों को अवैध बताते हुए चेयरमैन के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पदाधिकारी किसी काम से बाहर हैं, इसलिए ऑफिस में ताले लगे थे। कार्यकाल 12 फरवरी 2026 को समाप्त हो चुका बता दें, वर्तमान प्रबंधन का कार्यकाल 12 फरवरी 2026 को समाप्त हो चुका था। इसके बाद चुनाव होने थे लेकिन वर्तमान प्रबंधन द्वारा नए सदस्यों को जोड़ने को लेकर विवाद हो गया था। ऐसे में जो सभा के सदस्य नहीं बन सके, वे कोर्ट चले गए थे कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि सभा के प्रधान संरक्षक और अध्यक्ष इस संबंध में निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं। इसके बाद प्रधान संरक्षक ने 3 सदस्यीय एडहॉक कमेटी का गठन किया था, जिन्हें ऑडिट कराने की जिम्मेदारी दी गई लेकिन वर्तमान कार्यकारिणी इसमें सहयोग नहीं कर रही है।
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