जमालपुर में बंगाली नववर्ष 'पैला वैशाख' मनाया गया:दुर्गा स्थान पर पारंपरिक रीति-रिवाजों से उत्सव, दिखा उत्साह




जमालपुर में बंगाली नववर्ष ‘पैला वैशाख’ बुधवार देर संध्या को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। जमालपुर स्थित बंगाली दुर्गा स्थान में आयोजित इस उत्सव में बंगाली समुदाय के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। दुर्गा स्थान परिसर को रंग-बिरंगी सजावट और अल्पना से आकर्षक रूप दिया गया था। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर परिसर में उमड़ पड़ी। लोगों ने मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। उत्सव के तहत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। जमालपुर बड़ी दरियापुर स्थित बंगाली दुर्गा स्थान में बुधवार देर शाम सांस्कृतिक प्रस्तुतियां कीं गईं। इनमें बंगाली समुदाय के लोगों ने, विशेषकर बच्चों ने, नृत्य और गीत के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर महिलाओं ने लाल-सफेद साड़ी और पुरुषों ने धोती-कुर्ता जैसे पारंपरिक बंगाली परिधान पहने। कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाचरण और अन्य सांस्कृतिक अनुष्ठानों के साथ हुई, जिसमें महिलाओं और युवाओं ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। समिति के सदस्यों ने बताया कि पैला वैशाख बंगाली समुदाय के लिए नए साल की शुरुआत का प्रतीक है, जिसे प्रतिवर्ष सामूहिक रूप से मनाया जाता है। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण और सामूहिक भोज का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर सचिन पलक बस, परितोष चौधरी, बाबू डा रत्न घोष, मिंटू चटर्जी, अमित चाचा चटर्जी, प्रहलाद घोष, असीम बक्शी, स्पोकन चटर्जी, अजय दत्त, सविता दत्त, मोनू चटर्जी, अर्शी चाचा चटर्जी, सविता दत्त, देवश्री हालदार, अजय कुमार दत्ता और सुष्मिता हलदर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।



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