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भीषण गर्मी के मामले में जैसलमेर लगातार पूरे प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा। पड़ोसी जिला बाड़मेर 42.8 डिग्री के साथ राज्य का सबसे गर्म शहर बना हुआ है। जैसलमेर में बुधवार सीजन का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया, जहां पारा पहली बार 41.7 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा। इससे पहले 13 अप्रैल को अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री दर्ज किया गया था। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी चार दिनों तक आसमान पूरी तरह साफ रहेगा, जिससे तपिश और बढ़ेगी। कृषि मौसम वैज्ञानिक अतुल गालव ने बताया कि 17 और 18 अप्रैल को जोधपुर व बीकानेर संभाग के कुछ भागों में तीव्र हीटवेव (लू) चलने की प्रबल संभावना है। इस दौरान तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
बाजारों में पसरा सन्नाटा, ठंडे पेय पदार्थों की मांग बढ़ी दोपहर के समय लू के थपेड़ों के कारण शहर के मुख्य बाजारों और पर्यटन स्थलों पर सन्नाटा पसरने लगा है। गर्मी से बचने के लिए लोग अब जतन करने लगे हैं। बाजारों में गन्ने का रस, लस्सी, छाछ और नींबू पानी की दुकानों पर भीड़ देखी जा रही है।डॉक्टरों ने भी सलाह दी है कि इस भीषण गर्मी में बिना किसी खास काम के घर से बाहर न निकलें और तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें। बाड़मेर के बाद जैसलमेर सबसे गर्म स्वर्ण नगरी में बुधवार सुबह से ही सूर्य के तेवर तीखे नजर आए। सुबह 9 बजे के बाद ही धूप इतनी तल्ख हो गई कि लोगों के पसीने छूटने लगे। दोपहर होते-होते आसमान से आग बरसने वाली स्थिति बन गई। इस दौरान चली हीटवेव ने राहगीरों और दुपहिया वाहन चालकों को बुरी तरह झुलसा दिया। 44 डिग्री तक जा सकता है पारा मौसम विभाग के अनुसार, आगामी चार दिनों तक आसमान पूरी तरह साफ रहेगा, जिससे तपिश और बढ़ेगी। कृषि मौसम वैज्ञानिक अतुल गालव ने बताया कि 17 और 18 अप्रैल को जोधपुर व बीकानेर संभाग के कुछ भागों में तीव्र हीटवेव (लू) चलने की प्रबल संभावना है। इस दौरान तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। लू से बचाव के लिए क्या करें?
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