बिहार शरीफ नगर निगम के वार्ड नंबर-19 (पहड़तली मोहल्ला) में पेयजल संकट ने विकराल रूप धारण कर लिया है। यहां के करीब 500-600 घरों की आबादी पिछले तीन वर्षों से पाइपलाइन के जरिए आ रहे बालूयुक्त और गंदे पानी को पीने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद निगम प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। बीमार हो रहे बच्चे, पाइपलाइन बनी मुसीबत सुदमिया देवी और अरुणा देवी ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि यहां महज 4 इंच की पतली पाइपलाइन बिछाई गई है। जो इतनी बड़ी आबादी के लिए नाकाफी है। पानी में भारी मात्रा में बालू और गंदगी आती है, जिसे पीकर बच्चे लगातार बीमार पड़ रहे हैं। न तो यहां सफाईकर्मी आते हैं और न ही स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था है। अंधेरे के कारण सांप-बिच्छू का डर बना रहता है, लेकिन नगर निगम सिर्फ टैक्स और वोट तक सीमित है।
फिटनेस पार्क से कनेक्शन की मांग स्थानीय निवासी दीपक कुमार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नगर निगम के अधिकारियों के बच्चे बिसलेरी वाटर पीते हैं, लेकिन गरीबों को नाली जैसा पानी दिया जा रहा है। हमने कई बार अधिकारियों को फोन किया, सात नंबरों में से कोई एक उठाता है। जिस पर सिर्फ आश्वासन मिलता है कि काम ‘हो जाएगा’। मोहल्ले के लोगों की मांग है कि वर्तमान पतली पाइपलाइन को बदलकर मोटा पाइप डाला जाए। जल आपूर्ति को फिटनेस पार्क वाले मुख्य कनेक्शन से जोड़ा जाए। नियमित रूप से कचरा उठाव और सफाई की व्यवस्था हो।
दूर-दूर से पानी लाने की मजबूरी भीषण गर्मी की दस्तक के साथ ही मोहल्ले में त्राहि-माम मचा है। नलों में बमुश्किल एक घंटा पानी आता है, वह भी बेहद गंदा। पानी की किल्लत के कारण महिलाओं को काफी दूर स्थित अन्य बोरिंग से पानी लाना पड़ रहा है। मोहल्ले के लोगो ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पाइपलाइन नहीं सुधारी गई, तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। जल्द होगा समस्या का समाधान वहीं, इस संबंध में नगर आयुक्त कुमार निशांत विवेक ने बताया कि मामले की जानकारी हमें मिली है। नगर निगम की टीम समस्या के समाधान में जुटी हुई है। तकनीकी बाधाओं को दूर कर जल्द ही वार्ड नंबर 19 के लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करा दिया जाएगा।
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