शिवहर को नशामुक्त बनाने और प्रतिबंधित मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए जिला स्तरीय NCORD (नेशनल नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन) समिति की बैठक आयोजित की गई। जिला पदाधिकारी कार्यालय में हुई इस बैठक की संयुक्त अध्यक्षता जिला पदाधिकारी और पुलि
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बैठक में जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन जिले में ड्रग्स के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाएगा। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों के प्रयोग और अवैध व्यापार को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रमुख परिवहन मार्गों पर लगातार निगरानी और छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश
बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। गांजा, अफीम और अन्य प्रतिबंधित पदार्थों की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए संदिग्ध ठिकानों और प्रमुख परिवहन मार्गों पर लगातार निगरानी और छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।
ड्रग इंस्पेक्टर को सभी फार्मेसी और मेडिकल स्टोर्स की नियमित जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इसका उद्देश्य बिना अनुमति दवाओं की बिक्री पर अंकुश लगाना है।
सदर अस्पताल में संचालित नशामुक्ति केंद्र को और सुदृढ़ करने पर भी जोर
युवाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्कूलों और कॉलेजों के आसपास पुलिस गश्ती बढ़ाने के साथ ही, शिक्षा विभाग को युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के लिए सेमिनार और अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
नशे की लत से जूझ रहे लोगों के पुनर्वास के लिए सदर अस्पताल में संचालित नशामुक्ति केंद्र को और सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने सभी थानाध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्रों में खुफिया तंत्र को सक्रिय करने और नशीले पदार्थों के कारोबार में संलिप्त लोगों पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया।
प्रशासन की इस पहल का मुख्य उद्देश्य जिले के युवाओं को सुरक्षित भविष्य प्रदान करना और एक स्वस्थ, नशामुक्त एवं अपराधमुक्त समाज का निर्माण करना है।