तो क्या बाइपोलर डिसऑर्डर बीमारी से जूझ रही थी प्रियंका:प्रियंका के एक प्रिस्क्रिप्शन में इस बीमारी में दी जाने वाली दवा Tab.Divaa OD500 शामिल




प्रियंका बिस्वास की मौत भले ही काला पीलिया से होना बताया जा रहा हो लेकिन यह ही सच मात्र नहीं है। वह कई गंभीर बीमारियों का सामना कर रही थी। पुलिस को डाक्टरों के जो प्रिस्क्रिप्शन प्रियंका के घर से मिले हैं, वह तो इसी ओर इशारा कर रहे हैं। उन प्रिस्क्रिप्शन में ऐसी दवाओं की मौजूदगी है जो गंभीर प्रवृत्ति की समस्या में ही लिखी जाती है। पहले जानिए कौन थी प्रियंका बिस्वास
सदर बाजार थाना क्षेत्र के तेली मोहल्ले में 76 वर्षीय उदय भानु बिस्वास अपनी बेटी 36 वर्षीय प्रियंका बिस्वास के साथ रहते चले आ रहे थे। उदय भानु बिस्वास शिक्षा विभाग से रिटायर्ड थे तो प्रियंका बिस्वास एमसीए की पढ़ाई कर चुकी थी। बंद मकान से मिला प्रियंका का शव
11 अप्रैल की शाम प्रियंका का शव उसके बंद मकान से बरामद हुआ। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि पिता उदय भानु बिस्वास चार महीने पहले काला पीलिया से प्रियंका की मौत हो जाने के बाद उसे घर के भीतर ही छोड़कर चला गया। अंदर ही अंदर शव कंकाल में तब्दील हो गया। शक के दायरे में पिता की भूमिका
पहले ही दिन से इस मामले में पिता उदय भानु बिस्वास शक के दायरे में रहा लेकिन उसकी मानसिक स्थिति देख पुलिस बैकफुट पर ही रही। पिता ने बताया कि प्रियंका का इलाज वह झाड़ फूंक वाले से करा रहा था लेकिन राहत नहीं मिली और उसकी मौत हो गई। वह डर गया और बेटी को छोड़कर हरिद्वार व देहरादून जाकर रहने लगा। प्रिस्क्रिप्शन ने खड़े किए कई सवाल
प्रियंका काला पीलिया से बीमार थी या नहीं, यह तो फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है लेकिन उसके दो प्रिस्क्रिप्शन यह जरूर बताते हैं कि वह पिछले तीन वर्ष से कई तरह की समस्याओं से जूझ रही थी। दो प्रिस्क्रिप्शन हाथ लगे हैं, जिनमें पहला 5 जून, 2023 का है। यह एमडी (मेडिसिन) का प्रिस्क्रिप्शन है, जिसमें उल्टी, पेट में दर्द, लूज मोशन और घबराहट का जिक्र है। न्यूरोलॉजिस्ट का प्रिस्क्रिप्शन चौकाने वाला
दूसरा प्रिस्क्रिप्शन शहर के एक प्रतिष्ठित न्यूरोलॉजिस्ट का है जो हैदराबाद के कामिनेनी अस्पताल में न्यूरोलॉजिस्ट डिपार्टमेंट के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। 30 मार्च, 2024 का यह प्रिस्क्रिप्शन बताता है कि प्रियंका बिस्वास बेहद परेशान थी। इस प्रिस्क्रिप्शन पर चार दवा लिखी हैं जिनमें दो बेहद गंभीर बीमारी में दी जाती हैं। अब जानते हैं दवाओं के बारे में – पहली दवा का नाम cap.zaptra LS 12.5 है जो डिप्रेशन के मरीज को दी जाती है। – दूसरी दवा का नाम pacitane 25 है जो मांसपेशियों में जकड़न और कपकपी में दी जाती है। – प्रिस्क्रिप्शन में तीसरी दवा का नाम Tab.pridone LS है। यह दवा स्किज़ोफ्रेनिया में दी जाती है जो एक गंभीर बीमारी है। जानकारों की मानें तो यह एक प्रतिशत लोगों में ही होती है। – स्किज़ोफ्रेनिया में मरीज अपने आप ही मन ही मन में तरह तरह के ख्याल बना डालता है। सोचने समझने की क्षमता खत्म हो जाती है। इसमें मरीज का वास्तविकता से संपर्क टूट जाता है, जिससे उसे मतिभ्रम (आवाजें सुनाई देना), भ्रम (गलत विश्वास) और अजीब व्यवहार जैसी समस्याएं होती हैं। प्रिस्क्रिप्शन की चौथी दवा चौकाने वाली
प्रियंका बिस्वास के प्रिस्क्रिप्सन में चौथी दवा का नाम Tab.Divaa OD500 है। माइग्रेन व दौरे के उपचार के साथ साथ यह दवा बाइपोलर डिसऑर्डर में भी दी जाती है। दक्षिण भारत की एक फिल्म से बाइपोलर डिसऑर्डर को समझा जा सकता है। अब जानिए क्या है बाइपोलर डिसऑर्डर
भारत में वर्ष 2005 में अपरिचित नाम की फिल्म रिलीज हुई। इस फिल्म के मुख्य किरदार विक्रम इसी बीमारी बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित दिखाए गए थे। इसे डिसोसिएटिव आइडेंटिटी डिसऑर्डर, मल्टीपल पर्सनैलिटी डिसऑर्डर व स्प्लिट पर्सनैलिटी भी बोला जाता है। विक्रम के तीन व्यक्तित्व थे, जिनमें पहला साधारण वकील अंबी, दूसरा रोमांटिक रेमो और तीसरा अपरिचित यानि क्रूर विझिलेंटे दिखाया गया है। यह सभी मानसिक बीमारी का ही एक रूप हैं। मेडिकल कॉलेज के डाक्टर का यह है कहना लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर और मानसिक रोग विभाग के हेड डाक्टर तरुण पाल की मानें तो प्रियंका बिस्वास के प्रिस्क्रिप्शन में मौजूद दवाईयां डिप्रेशन, मतिभ्रम, अजीब व्यवहार करने वाले मरीज के उपचार में प्रयुक्त होती हैं।



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