कायाकल्प योजना 2025-26 के आए रिजल्ट में राज्य के 23 जिलों के सरकारी अस्पतालों में चयनित 17 जिलों में बेशक जिला पठानकोट के सिविल अस्पताल का नाम भी शामिल है, लेकिन इस बार पठानकोट का सिविल अस्पताल रैंकिंग में 5वें नंबर पर रहा है ।
बता दें, कायाकल्प योजना 2025-26 के आए रिजल्ट में डिस्ट्रिक्ट अस्पताल लुधियाना प्रथम, पटियाला माता कौशल्या अस्पताल दूसरे और अमृतसर तीसरे नंबर पर रहा है, एसबीएस नगर चौथे और जिला पठानकोट का अस्पताल रैंकिंग में 5वें नंबर पर आया है ।
2023-24 में पठानकोट ने हासिल किया था प्रथम स्थान
पठानकोट का सिविल अस्पताल पिछले सालों में रैंकिंग के मुकाबले में प्रदेशभर में 3 बार प्रथम और 2 बार द्वितीय रह चुका है। 2023-24 की बात की जाए तो पठानकोट सिविल अस्पताल ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया था। जबकि, 2024-25 में दूसरा स्थान मिला था। प्रथम आने पर मिलता है 20 लाख का इनाम
कायाकल्प योजना में पूरे प्रदेश के अस्पतालों में 3 असेसमेंट राउंड होते हैं । पहला राउंड सिविल अस्पताल की टीम द्वारा खुद किया जाता है । दूसरा राउंड दूसरे जिले से टीम आकर करती है और तीसरा राउंड स्टेट से टीम ने आकर करती है । प्रथम आने वाले अस्पताल को 20 लाख, दूसरे नंबर पर रहने वाले को 10 लाख और तीसरे नंबर पर आने वाले को 3 लाख रुपये राशि इनाम के तौर पर मिलती है। टीम को चेकिंग में मिली थी यह कमियां
19 फरवरी को गुरदासपुर से 2 सदस्यीय टीम ने सिविल अस्पताल में पहुंचकर चेकिंग की थी । फाइनल राउंड में साफ-सफाई, इन्फेक्शन कंट्रोल समेत 300 बिंदुओं को लेकर चेकिंग की गई थी । टीम की चेकिंग में इमरजेंसी में मरीजों के साथ अटेंडेंट की सुविधा के लिए रैक नहीं दिखे थे । डिजास्टर वार्ड में लगे बेड्स को अलग-अलग ट्रामा के नाम का टैग लगाने को कहा गया था ।
टीम को चिल्ड्रन वार्ड और सर्जरी केसों में भर्ती मरीजों के वार्ड में दीवार पर छोले भटूरे समेत खाने-पीने का पम्फलेट चिपकाए मिले थे, जिन्हें वहां से हटवाया गया था।
सुजानपुर सीएचसी ने किया क्वालीफाई
बता दें, प्रदेश भर में 78 सीएचसी (कम्युनिटी हेल्थ सेंटर) ने क्वालीफाई किया है । इनमें सुजानपुर सीएचसी ने क्वालीफाई किया है । वहीं अर्बन पीएचसी पठानकोट ने 75.8 अंकों के साथ क्वालीफाई किया है ।
इसके अलावा नरोट जैमल सिंह ब्लॉक में कीड़ी खुर्द सब सेंटर ने पहला स्थान, भोआ सब सेंटर ने दूसरा और हरियाल सब सेंटर ने तीसरा स्थान हासिल किया है । जबकि, जिला पठानकोट के बुंगल बधानी, नरोट जैमल सिंह, घरोटा सीएचसी क्वालीफाई नहीं कर सका है।
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