लखनऊ के सहारा ट्रेड सेंटर में व्यापारियों का प्रदर्शन:बोले 25 साल से बिल भर रहे, फिर भी बिजली विभाग ने थमा दिया ट्रांसफार्मर का बोझ



इंदिरानगर मेट्रो स्टेशन के पास स्थित सहारा ट्रेड सेंटर के लगभग 150 से अधिक दुकानदारों ने विद्युत विभाग के खिलाफ नाराज़गी जताई है। शुक्रवार को नाराज व्यापारियों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बिजली विभाग मुर्दाबाद, बिजली विभाग होश में आओ के नारे लगाए गए। व्यापारी अनूप कुमार सिंह ने कहा कि अगर हम लोगों की बात सुनी नहीं गई तो विभाग के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। हम लोग विभाग के मनमानी के खिलाफ कोर्ट भी जाएंगे। ताकि हमारी बात सुनी जाए। व्यापारियों का आरोप है कि पिछले करीब 25 साल से नियमित रूप से अपने-अपने व्यावसायिक बिजली बिल का भुगतान करते आ रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी विभाग अपनी जिम्मेदारी निभाने से पीछे हट रहा है। शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। स्थाई विकल्प पर काम नहीं कर रहा विभाग व्यापारियों के अनुसार कुछ समय पहले क्षेत्र का ट्रांसफार्मर खराब हो जाने से लगभग 48 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। शिकायत करने पर विद्युत उपकेंद्र HAL, इंदिरानगर द्वारा अस्थायी ट्रॉली ट्रांसफार्मर लगाकर आपूर्ति बहाल तो कर दी गई, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं किया गया है।दुकानदारों अनूप कुमार सिंह का कहना है कि जब उन्होंने विभागीय अधिकारियों से संपर्क किया तो उन्हें ट्रांसफार्मर अपने खर्च पर ठीक कराने की बात कही गई, लेकिन यह पूरी तरह से गलत है। व्यापारियों का कहना है कि जब विभाग उनसे कई साल से फिक्स्ड चार्ज वसूल रहा है, तो ट्रांसफार्मर और अन्य बुनियादी ढांचे का रखरखाव भी विभाग की जिम्मेदारी है। व्यापारी बोले विभाग लगवाए ट्रांसफार्मर इस मामले में व्यापारियों ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 6(1) के तहत आरटीआई भी दायर की है, जो वर्तमान में विचाराधीन है। व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि खराब ट्रांसफार्मर को तत्काल विभागीय स्तर पर ठीक या बदलवाया जाए। साथ ही, जब तक ट्रांसफार्मर के स्वामित्व को लेकर स्पष्टता नहीं हो जाती, तब तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। व्यापारी राज कुमार मौर्य और राजू श्रीवास्तव ने कहा कि कि यदि कोई ऐसा नियम है जिसके तहत उपभोक्ताओं को स्वयं ट्रांसफार्मर बनवाना पड़ता है, तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए।



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