पीएम नरेंद्र मोदी पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन 21 अप्रैल को करना प्रस्तावित है। इसको लेकर बीजेपी, सरकार और प्रशासनिक अधिकारी सभी तैयारियों में जुटा है। मंत्री के.के. विश्नोई ने कहा लाखों की संख्या में पीएम मोदी के स्वागत और अभिनंदन के लिए लोग आ रहे है। शादी-ब्याह के सावों से भी बड़ा यह सावा है। इसके लिए पीले चावल बांट कर लोगों को आमंत्रित भी किया है। मंत्री ने मीडिया बातचीत में कहा- पूरे प्रदेश के लिए सौभाग्य की बात है। कि सीधे सीधे लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा। कई उद्योग यहां पर खुलेंगे। आने वाले समय नया रेवन्यू सृजित होने वाला है। इससे सीधा विकास से जुड़ेगे। सीएम भजनलाल शर्मा विकसित राजस्थान के लिए लगातार प्रयासरत है। तीन रिफाइनरी अमृतसर, पचपदरा और जामनगर तीनों भारत माला से जुड़ा है। ये हमारे पीएम नरेंद्र मोदी की दूरगामी सोच का नतीजा है। उन्होंने पूरे उतर भारत को एक भारत माला का उपहार देकर जिसका सबसे बड़ा भू-भाग राजस्थान से होकर निकलता है। सीधे-सीधे कई स्टेटों में हर व्यवसाय को फायदा भी मिलेगा। आने वाले समय में राजस्थान का भविष्य उज्जवल है। इसी रिफाइनरी को भारत माला को दिल्ली-मुंबई कोरिडोर से सीधा लालसोट लेकर पचपदरा तक जोड़ा जा रहा है। शादी-ब्याह के सावों यह सबसे बड़ा सावा मीडिया बातचीत में मंत्री के.के. विश्नोई ने कहा- लाखों की संख्या में पीएम मोदी के स्वागत और अभिनंदन के लिए लोग आ रहे है। शादी-ब्याह के सावों से भी बड़ा यह सावा है। इसके लिए पीले चावल बांट कर लोगों को आमंत्रित भी किया है। प्रधानमंत्री का पचपदरा में आना बहुत बड़ी शादी है, शादी सीजन में लोगों की भीड़ जुटाने में परेशान नहीं होने के सवाल पर मंत्री ने कहा- यह शादी के जैसे का जैसा सावा है। प्रधानमंत्री जी का पचपदरा आना यह बहुत बड़ी शादी है और बहुत बड़ा सावा है। लोगों को उसी तरह देख रहे है। पहले प्रधानमंत्री को सुनेंगे फिर घर पर लौट कर जहां-जहां दूसरी शादी में जाना है वहां जाएंगे। रसोई से लेकर सदर तक दिखेगी मातृशक्ति संसद में पेश हुए बिल के सवाल पर मंत्री ने कहा- राजस्थान और देश की बड़ी पंचायत में महिलाओं का आरक्षण सुनिश्चित होगा। आने वाले समय में रसोई से लेकर सदन तक हमारी मातृ शक्ति नजर आएगी। महिलाओं को इससे बड़ा सम्मान नहीं हो सकता है। विपक्ष धीरे-धीरे बिंदुओं से हटकर अलग बिंदुओं पर चले जाते है। उनको कुछ भी कहने को नहीं मिलता है। तब वो अनर्गल बात का सहारा लेकर बयान देते है। चुनाव हार जाते है तो ईवीएम की चर्चा करने लग जाते है। विपक्ष को जो काम करना चाहिए। उस पर कोई चर्चा नहीं करेंगे।
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