हनुमानगढ़ जिले में बायोमेडिकल वेस्ट के उचित निस्तारण को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. नवनीत शर्मा ने निर्देश जारी कर स्पष्ट किया है कि कॉमन ट्रीटमेंट फैसिलिटी (सीटीएफ) से नहीं जुड़े लैब, अस्पताल और क्लीनिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सीएमएचओ ने जानकारी दी कि ई-टेक प्रोजेक्ट के तहत हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिलों में निजी चिकित्सकीय संस्थानों से निकलने वाले बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण बारकोड सिस्टम से हो रहा है। इसके बावजूद, कुछ संस्थानों द्वारा नियमों की अनदेखी कर कचरे को खुले में फेंकने की शिकायतें मिली हैं, जिससे गंदगी और पर्यावरण प्रदूषण बढ़ रहा है। डॉ. शर्मा ने बताया कि जिले के कई अस्पताल, प्रयोगशालाएं और क्लीनिक अभी तक सीटीएफ से नहीं जुड़े हैं। ऐसे 78 संस्थानों की पहचान कर उन्हें चेतावनी जारी की गई है। इन सभी संस्थानों को जल्द से जल्द सीटीएफ से जुड़ने और बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण निर्धारित नियमों के अनुसार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। डॉ. नवनीत शर्मा ने जोर दिया कि बायोमेडिकल वेस्ट का उचित प्रबंधन स्वास्थ्य सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। इस संबंध में किसी भी लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्देशों का उल्लंघन करने वाली संस्थाओं के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित संस्था की होगी। स्वास्थ्य विभाग की इस सख्ती के बाद जिले के निजी अस्पताल संस्थानों में हड़कंप मच गया है। उन्हें निर्धारित मानकों का पालन करने के लिए सचेत किया गया है।
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