सीहोर शहर में भीषण गर्मी और जल संकट के बीच हजारों लीटर पेयजल सड़कों पर बह गया। यह घटना नगर के इंदौर नाका क्षेत्र में नवनिर्मित पानी की टंकी को मुख्य पाइपलाइन से जोड़ने की प्रक्रिया के दौरान हुई। पाइपलाइन जोड़ने के कार्य के तहत मुख्य पाइपलाइन को खाली किया गया, जिससे बड़ी मात्रा में साफ पानी व्यर्थ बह गया। इस लापरवाही को देखकर स्थानीय नागरिकों में भारी रोष है। शहर इस समय गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है। सीहोर में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। नगर निगम द्वारा शहर में पेयजल की आपूर्ति दो दिन के अंतराल पर की जा रही है। पेयजल संकट लगातार गहरा रहा
गिरते जलस्तर के कारण पेयजल संकट लगातार गहरा रहा है। पानी की किल्लत का फायदा निजी टैंकर संचालक उठा रहे हैं, जहां एक टैंकर के लिए नागरिकों को 500 रुपए तक चुकाने पड़ रहे हैं। 20 लीटर पानी की केन भी 20 रुपए में बिक रही है। नागरिकों का कहना है कि जब शहर बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहा है और लोग महंगे दामों पर पानी खरीदने को मजबूर हैं, ऐसे में बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के इतनी बड़ी मात्रा में पानी बहा देना प्रबंधन की बड़ी लापरवाही है। उनका मानना है कि पाइपलाइन जोड़ने के कार्य को इस तरह नियोजित किया जाना चाहिए था कि पानी की बर्बादी कम से कम हो।
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