उत्तर प्रदेश के बिजनौर में हुई भीषण आगजनी और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के पीछे जैसलमेर के एक युवक का हाथ होने का खुलासा हुआ है। यूपी पुलिस ने 24 मार्च को पकडे जैसलमेर के नाचना इलाके से आरोपी राजूराम गोदारा को पूछताछ के बाद आखिरकार गिरफ्तार किया है, जो इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड और डिजिटल कंट्रोलर बताया जा रहा है। पिकअप आगजनी से खुला राज मामले की शुरुआत 4 मार्च को बिजनौर में हुई एक घटना से हुई, जहां एक पिकअप वाहन को आग के हवाले कर दिया गया था। शुरुआत में यह सामान्य आगजनी लग रही थी, लेकिन जब पुलिस ने तकनीकी जांच और कॉल डिटेल्स खंगाली, तो तार जैसलमेर के नाचना क्षेत्र से जुड़े मिले। आरोपी राजूराम जैसलमेर में बैठकर यूपी में सक्रिय अपने गुर्गों को डिजिटल फुटप्रिंट्स के जरिए निर्देश दे रहा था। सोशल मीडिया पर राजूराम बना ‘सैयद’ उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा हुई पूछताछ में सामने आया कि राजूराम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर ‘सैयद’ नाम से सक्रिय था। उसने एक ग्रुप बना रखा था जिसमें वह युवाओं को जोड़कर उन्हें कट्टरपंथी बनाने और देशविरोधी गतिविधियों के लिए उकसाता था। आरोपी के मोबाइल से दक्षिण अफ्रीका और सऊदी अरब जैसे देशों के संदिग्ध नंबरों पर बातचीत के प्रमाण मिले हैं। वह ‘मैजुल’ और ‘आकिब’ जैसे विदेशी हैंडलर्स के सीधे संपर्क में था। मोबाइल ने उगली सच्चाई 24 मार्च को पकडे जाने के बाद शुरुआत में राजूराम ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और अपना मुंह नहीं खोला। लेकिन जब यूपी पुलिस की फॉरेंसिक टीम ने उसके मोबाइल की गहनता से जांच की, तो उसमें हथियारों की तस्वीरें, आपत्तिजनक वीडियो और देश के विभिन्न हिस्सों में अशांति फैलाने की चैट बरामद हुई। पुलिस ने बताया कि वह केवल एक अपराधी नहीं, बल्कि एक सुनियोजित स्लीपर सेल नेटवर्क का हिस्सा प्रतीत होता है। टेलीग्राम ग्रुप का एडमिन था राजूराम एडीजी (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश के अनुसार, बिजनौर पुलिस ने इस मामले में पहले अबुजर, जैद और मन्नान नाम के युवकों को पकड़ा था। इन आरोपियों से पूछताछ और उनके मोबाइल फोन खंगालने पर ‘राजूराम’ का नाम सामने आया। राजूराम उस टेलीग्राम ग्रुप का मुख्य संचालक (एडमिन) था, जहाँ से इन लड़कों को निर्देश दिए जा रहे थे। राजूराम के मोबाइल नंबर को आरोपियों ने अपने फोन में ‘सैयद’ नाम से सुरक्षित कर रखा था ताकि किसी को शक न हो। क्या है पूरा मामला? बिजनौर के कीरतपुर और नांगल सोती थाना क्षेत्रों में मार्च और अप्रैल के शुरुआती हफ्तों में अज्ञात बदमाशों ने समुदाय विशेष के वाहनों और घरों को निशाना बनाते हुए आग लगा दी थी। 4 मार्च को पेट्रोल छिड़ककर एक वाहन को आग के हवाले करने की घटना के बाद पुलिस ने जब तकनीकी जांच शुरू की, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पता चला कि यह केवल साधारण आगजनी नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक सुव्यवस्थित नेटवर्क काम कर रहा था। खेती का काम करता है युवक राजूराम मूल रूप से लूणकरणसर, बीकानेर का निवासी है और पिछले 10 से 12 साल से जैसलमेर के नाचना इलाके के भारेवाला में खेती का काम कर रहा है। वह 10वीं पास बताया गया है। बीएसएफ और पुलिस की बढ़ी सतर्कता भारत-पाक सीमा पर स्थित जैसलमेर जैसे संवेदनशील जिले से इस तरह के नेटवर्क का संचालन होना सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर माना जा रहा है। स्थानीय पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां अब यह जांच कर रही हैं कि राजूराम ने इलाके के और कितने युवाओं को इस दलदल में धकेला है। ये खबर भी पढ़ें…. जैसलमेर से सटे भारत-पाकिस्तान बॉर्डर से पकड़ा संदिग्ध युवक:यूपी के टेलीग्राम ग्रुप में शेयर करते थे भड़काऊ मैसेज, कश्मीर के भी लोग जुड़े थे जैसलमेर में भारत-पाक सीमा के पास नाचना थाना क्षेत्र के भारेवाला इलाके से गुरुवार रात करीब 10 बजे एक युवक को संदिग्ध गतिविधियों के संदेह में हिरासत में लिया गया। यूपी पुलिस के इनपुट पर की गई इस कार्रवाई में संदिग्ध टेलीग्राम ग्रुप से जुड़े 29 साल के युवक को उसके घर से पकड़ा गया। फिलहाल उसे नाचना थाना में रखा गया है, जहां शुक्रवार को सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त पूछताछ करेंगी। मामले में टेलीग्राम ग्रुप कनेक्शन और नेटवर्क की जांच की जा रही है। (खबर पढ़ें)
Source link