मंडला जिले के नैनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत पाला सुंदर के बरगांव में एक नवजात बच्ची पेरा (धान का भूसा) में ढकी हुई मिली। स्थानीय लोगों ने बच्ची को देखा और तत्काल पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी। बच्ची की नाजुक हालत को देखते हुए ग्रामीणों ने एम्बुलेंस का इंतजार नहीं किया। उन्होंने मानवता दिखाते हुए बच्ची को मोटरसाइकिल से सिविल अस्पताल नैनपुर पहुंचाया। इस कार्य में अनिल झरिया, शेख अकिल, ग्राम कोटवार छवि और पटवारी अमित ने सहयोग किया। रास्ते में एम्बुलेंस मिलने पर बच्ची को उसमें स्थानांतरित कर अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान बच्ची की मौत सिविल अस्पताल नैनपुर में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. जेपी चिचाम ने बताया कि बच्ची को अत्यंत गंभीर अवस्था में लाया गया था। उसकी पल्स और ब्लड प्रेशर नहीं मिल रहा था। प्रारंभिक जांच में पता चला कि बच्ची का जन्म समय से पहले हुआ था, जिसके कारण उसका वजन काफी कम था। खुले में पड़े रहने के कारण उसे हाइपोथर्मिया और हाइपोग्लाइसीमिया जैसी स्वास्थ्य समस्याएं हो गई थीं। डॉक्टरों की टीम ने लगभग आधे घंटे तक सभी आवश्यक आपातकालीन उपचार दिए, लेकिन बच्ची को बचाया नहीं जा सका और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर नैनपुर थाना प्रभारी बलदेव मुजाल्दा और नायब तहसीलदार संदीप मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और नवजात बच्ची का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
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