किशनगंज में आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच के बीच शनिवार रात एक संदिग्ध गतिविधि सामने आई। अनुमंडल कार्यालय परिसर स्थित एसडीपीओ कार्यालय पहुंची एक लाल रंग की थार गाड़ी को पुलिस ने रोका।
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गाड़ी में सवार तीन लोगों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। यह घटना पूर्व एसडीपीओ गौतम कुमार से जुड़े मामले की विशेष निगरानी के दौरान हुई।
EOU रखें है मामले पर नजर
आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) द्वारा 31 मार्च को की गई कार्रवाई के बाद से ही गौतम कुमार से संबंधित मामलों पर कड़ी नजर रखी जा रही थी।
इसी क्रम में शनिवार रात करीब 8 बजे एक लाल रंग की थार (बीआर 11बीबी 7973) अचानक किशनगंज अनुमंडल कार्यालय पहुंची। गाड़ी से उतरे तीन लोग सीधे एसडीपीओ कार्यालय में दाखिल हुए और लगभग 15 मिनट बाद बाहर निकल आए।
SDPO कार्यालय पहुंची थार ।
रात के समय कार्यालय परिसर में गाड़ी के प्रवेश की सूचना मिलते ही पुलिस सतर्क हो गई। जब गाड़ी सवार लोग मौके से निकलने का प्रयास कर रहे थे, तभी एक पुलिसकर्मी ने संदेह के आधार पर वाहन को रोक लिया। पूछताछ के दौरान गाड़ी में सवार लोगों की पहचान मोहम्मद हबीब (दौला पंचायत, किशनगंज), सौदागर (पूर्णिया सिटी, चालक) और एक नाबालिग के रूप में हुई।
कार्यालय से दस्तावेज-सामान हटाने की कोशिश
मौके पर पहुंचे डीएसपी मुख्यालय और वर्तमान प्रभारी एसडीपीओ मंगलेश कुमार सहित सदर थाना पुलिस तीनों लोगों और थार गाड़ी को सदर थाना ले आई। सूत्रों के अनुसार, प्रशासन को आशंका थी कि कार्यालय से किसी प्रकार के दस्तावेज या सामान को हटाने की कोशिश हो सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
प्रभारी एसडीपीओ मंगलेश कुमार के निर्देश पर पुलिस ने गाड़ी जब्त कर सभी संदिग्धों से पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं, एसपी संतोष कुमार ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में गाड़ी सवारों ने कार्यालय में लगी एसी को खोलने के उद्देश्य से वहां जाने की बात कही है।
पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही
हालांकि, रात के समय इस तरह का कार्य करने की जरूरत और इसके लिए किसकी अनुमति ली गई, इन सवालों के जवाब अभी स्पष्ट नहीं हैं। घटना के बाद कुछ देर के लिए अनुमंडल कार्यालय परिसर में अफरातफरी का माहौल बना रहा। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।