पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के नाम से सोशल मीडिया पर आए फर्जी लेटर से सियासी चर्चा तेज हो गई है। कई नेताओं ने इस लेटर को शेयर करते हुए बीजेपी पर सवाल उठाए हैं। वहीं, वसुंधरा राजे ने इस लेटर को फर्जी बताया। राजे ने X पर लिखा- सांच को आंच की जरूरत नहीं है। वायरल पत्र शुभचिंतकों की कारगुजारी मात्र है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी देने के प्रयास का मैं ही नहीं देश की हर महिला स्वागत कर रही है। राजे ने लिखा- ऐसे लोग चाहे जितना भ्रम फैलाएं, बाधाएं उत्पन्न करें, देश की नारी शक्ति न रुकी है, न रुकेगी। वसुंधरा राजे के फर्जी लेटर की सियासी चर्चाएं सोशल मीडिया पर फर्जी लेटर सामने आया था, जिसमें वसुंधरा राजे के हवाले से आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को लिखा गया था। फर्जी लेटर में महिला आरक्षण बिल और परिसीमन पर बीजेपी की लाइन से परे हटकर आलोचना की गई थी। सोशल मीडिया पर कुछ कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस लेटर को असली मानकर बीजेपी पर सवाल उठाए। इस लेटर की टाइमिंग और इसके कंटेंट को लेकर कई तरह की सियासी चर्चाएं हैं। हांलाकि वसुंधरा राजे के आधिकारिक बयान के बाद यह मामला शांत हो गया है।
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