हरियाणा के पूर्व मंत्री संदीप सिंह से जुड़े रेप मामले में बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। चंडीगढ़ के पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ने कोर्ट में आवेदन देकर आरोपी पर रेप की कोशिश (धारा 376/511 आईपीसी) जोड़ने की मांग की है। साथ ही मामले को सेशन कोर्ट में ट्रायल के लिए भेजने की अपील भी की गई है। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि केस के रिकॉर्ड में मौजूद साक्ष्य, खासकर पीड़िता का बयान जो धारा 164 CrPC के तहत दर्ज है और कोर्ट में दी गई उसकी गवाही, आरोपी के खिलाफ गंभीर और स्पष्ट आरोप साबित करते हैं। इन तथ्यों से यह साफ होता है कि मामला केवल छेड़छाड़ का नहीं बल्कि रेप की कोशिश का बनता है। कानूनी चूक सुधारने की मांग
प्रॉसिक्यूटर ने कहा कि अब तक चार्जशीट में इस गंभीर धारा को शामिल नहीं करना एक कानूनी चूक है, जिसे सुधारना जरूरी है ताकि आरोपी पर अपराध की वास्तविक गंभीरता के अनुसार मुकदमा चल सके। सेशन कोर्ट में ;चले ट्रायल
अदालत से यह भी आग्रह किया गया है कि चूंकि धारा 376/511 का मामला गंभीर श्रेणी में आता है, इसलिए इसे CrPC की धारा 323 के तहत सेशंस कोर्ट में ट्रायल के लिए भेजा जाए। मामला क्यों महत्वपूर्ण
यह घटनाक्रम इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि अगर कोर्ट इस आवेदन को स्वीकार करता है, तो आरोपी के खिलाफ केस की दिशा और गंभीरता दोनों बदल सकती हैं और सख्त सजा का रास्ता भी खुल सकता है।
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