कपूरथला जिले में स्थित पवित्र वेईं की सफाई और संरक्षण की जिम्मेदारी अब क्षेत्र के 40 गांवों ने संभाली है। निर्मल कुटिया, सुल्तानपुर लोधी में आयोजित एक बैठक में पंचों, सरपंचों और गणमान्य लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे इस पवित्र धारा को दोबारा प्रदूषित नहीं होने देंगे। राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने इस अवसर पर कहा कि पवित्र वेईं प्रकृति का एक अनमोल उपहार है, जो सुल्तानपुर लोधी और आसपास के गांवों को मिला है। उन्होंने गुरु नानक देव जी के चरणों से पवित्र हुई इस वेईं को स्वच्छ रखने के महत्व पर जोर दिया। कूड़ा फेंके जाने की घटना के बाद बुलाई थी बैठक यह बैठक कुछ दिन पहले पवित्र वेईं के किनारे चोरी-छिपे कूड़ा फेंके जाने की घटना के बाद बुलाई गई थी। संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने इस घटना को गंभीरता से लिया था। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों, एसडीएम, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों, कार्यकारी अधिकारी और डीएसपी को मौके पर ले जाकर स्थिति का जायजा दिलाया था। इस घटना के बाद ही संत सीचेवाल ने क्षेत्र के लोगों की बैठक बुलाने का निर्णय लिया था। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए वेईं के किनारों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का भी फैसला किया गया है। 25 साल से नदी की सफाई कर रही संगत संत सीचेवाल ने बताया कि इस नदी को साफ और पुनर्जीवित करने के लिए संगतों ने लगभग 25 वर्षों तक लगातार सेवा की थी। इस कार सेवा के परिणामस्वरूप यह पवित्र धारा फिर से निर्मल रूप में बहने लगी है। इस प्रयास ने पवित्र वेईं को वैश्विक पहचान दिलाई है, जिसकी चर्चा टाइम मैगज़ीन, इंग्लैंड के विंडसर कैसल और कोपेनहेगन जैसी अंतरराष्ट्रीय बैठकों में भी हो चुकी है।
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