राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में भभुआ अनुमंडल के लिछवि भवन में एक दिवसीय ‘प्रमुख जनगोष्ठी’ का आयोजन किया। इस गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य समाज के प्रबुद्ध वर्ग के साथ संवाद स्थापित करना और संघ के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करना था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संघ के भभुआ नगर सेवा प्रमुख श्याम लाल प्रसाद ने बताया कि यह गोष्ठी संघ द्वारा शताब्दी वर्ष के लिए निर्धारित विशेष कार्यक्रमों की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि ऐसे संवाद कार्यक्रमों से समाज में संघ की कार्यपद्धति को लेकर फैली शंकाओं और भ्रांतियों को दूर किया जा रहा है, जहाँ लोग सीधे प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त कर सकते हैं। वैचारिक अधिष्ठान और सेवा कार्यों से अवगत कराया
इस जनगोष्ठी में व्यवसायिक जगत के प्रतिनिधि, शिक्षाविद, कोचिंग संस्थानों के संचालक, प्रगतिशील किसान और प्रमुख राजनीतिक हस्तियों सहित गिने-चुने प्रबुद्ध जनों को आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पूर्वी क्षेत्र के क्षेत्र बौद्धिक प्रमुख श्री राणा प्रताप जी रहे, जिन्होंने उपस्थित जनों को संघ के वैचारिक अधिष्ठान और सेवा कार्यों से अवगत कराया। संघ की कार्यशैली को लेकर एक नई स्पष्टता देखने को मिली
श्याम लाल प्रसाद ने जानकारी दी कि भभुआ अनुमंडल के बाद जल्द ही मोहनिया अनुमंडल में भी इसी प्रकार की जनगोष्ठी आयोजित की जाएगी। संघ का लक्ष्य समाज के हर वर्ग तक पहुंचकर ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना को सुदृढ़ करना है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने अपनी शंकाएं रखीं, जिनका वक्ताओं द्वारा तार्किक समाधान किया गया। इस गोष्ठी से स्थानीय प्रबुद्ध वर्ग में संघ की कार्यशैली को लेकर एक नई स्पष्टता देखने को मिली।
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