बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपनी आठ दिवसीय ऑस्ट्रेलिया यात्रा पूरी कर रविवार देर रात खजुराहो पहुंचे। एयरपोर्ट पर समर्थकों ने ‘जय श्री राम’ के नारों के साथ उनका स्वागत किया और बुंदेलखंड की प्रसिद्ध जलेबी खिलाकर उनका मुंह म
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सिडनी ओपेरा हाउस में पहली बार सनातनी प्रवचन
पंडित शास्त्री ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया की संसद ने उन्हें सम्मानित किया है। उन्होंने यूनेस्को की विश्व धरोहर सिडनी ओपेरा हाउस में प्रवचन देने को हिंदुओं के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उनके अनुसार, ऑस्ट्रेलिया सरकार और विपक्षी नेता भी उनके कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि विश्व को शांति का मार्ग केवल भारत और सनातन धर्म ही दिखा सकता है।
बोले- हजारों संस्थाओं के पास एफसीआरए लाइसेंस
विदेशी फंडिंग (FCRA) की अनुमति मिलने पर पंडित शास्त्री ने कहा कि देश की हजारों संस्थाओं के पास यह लाइसेंस है, लेकिन केवल उनकी चर्चा की जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अनुमति का उद्देश्य विदेशों में बसे संपन्न भारतीयों के सहयोग से देश के गरीब तबके की मदद करना है, ताकि भारत को विकसित राष्ट्र बनाया जा सके।
खजुराहो एयरपोर्ट से सीधे धाम रवाना
एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा के दौरान बाबा ने कहा कि वतन लौटकर उन्हें असीम सुख मिल रहा है। उन्होंने अपनी इस यात्रा की सफलता को बुंदेलखंड की माटी और बालाजी का आशीर्वाद बताया। संक्षिप्त चर्चा के बाद वे अपनी कार से सीधे बागेश्वर धाम के लिए रवाना हो गए। प्रशासन और समर्थकों की भारी भीड़ के कारण एयरपोर्ट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे।