औरंगाबाद की डीएम अभिलाषा शर्मा ने सोमवार को भारत की जनगणना 2027 के अंतर्गत स्व-गणना प्रपत्र भरकर जिलेवासियों को इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्वयं ऑनलाइन फॉर्म भरकर यह संदेश दिया कि तकनीक के माध्यम से अब नागरिक अपनी जानकारी आसानी और सुरक्षित तरीके से दर्ज कर सकते हैं। जनगणना को इस बार दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहले चरण में मकान सूचीकरण और आवासीय विवरण का संकलन किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में जनसंख्या गणना का कार्य पूरा होगा। इन दोनों चरणों के जरिए जिले के हर घर, परिवार और व्यक्ति से जुड़ी जरूरी जानकारियों को व्यवस्थित रूप से इकट्ठा किया जाएगा, जिससे भविष्य की योजनाओं और नीतियों को बेहतर तरीके से बनाया जा सके। प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण और आवास गणना का कार्य प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं आवास गणना का कार्य 2 मई से 31 मई तक निर्धारित किया गया है। इससे पहले आम लोगों की सुविधा के लिए पहली बार स्व-गणना की विशेष व्यवस्था 17 अप्रैल से 1 मई तक उपलब्ध कराई गई है। इस पहल का उद्देश्य लोगों को डिजिटल माध्यम से खुद अपनी जानकारी दर्ज करने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और सटीक बन सके। स्व-गणना एक सरल और सुरक्षित ऑनलाइन प्रक्रिया है। इसके तहत परिवार का कोई भी सदस्य आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपनी पारिवारिक जानकारी खुद भर सकता है। इसके लिए पहले राज्य का चयन करना होगा और फिर मोबाइल नंबर के जरिए ओटीपी से लॉगिन करना होगा। इसके बाद जिला और क्षेत्र का चयन कर डिजिटल मानचित्र पर अपने घर को चिन्हित करना होगा। फिर परिवार से जुड़े कुल 33 सवालों के जवाब ऑनलाइन भरने होंगे। स्व गणना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी की जाएगी एसई-आईडी प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक स्व-गणना आईडी (SE ID) जारी होगी, जिसे सुरक्षित रखना जरूरी है। जब 2 मई से 31 मई के बीच गणनाकर्मी घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे, तब नागरिकों को यही आईडी दिखानी होगी, जिससे उनकी जानकारी का सत्यापन आसानी से हो सके।डीएम अभिलाषा शर्मा ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और समय रहते अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करें। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश के विकास की आधारशिला है, जिसमें हर नागरिक की भागीदारी बेहद जरूरी है।
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