केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्वालियर के एक दिवसीय दौरे के दौरान महिला आरक्षण विधेयक को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने संगठित विरोध करके न केवल विधेयक को गिराया, बल्कि महिलाओं के सम्मान को भी ठेस पहुंचाई है। चौहान ने इसे “दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण” बताया। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति और विकास में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने बेटियों के मान और उनके सपनों को कुचलने का पाप किया है, जिसे महिलाएं कभी बर्दाश्त नहीं करेंगी और इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार और भाजपा की प्रतिबद्धता थी कि महिला आरक्षण 33% तक हो, जो 2029 तक लागू हो सके। इसी उद्देश्य से यह विधेयक समय पर लाया गया था ताकि महिलाओं को यह आरक्षण प्रदान किया जा सके। पूर्व मुख्यमंत्री ने विपक्ष से सवाल किया कि बढ़ती सीटों से उन्हें क्या दिक्कत थी। उन्होंने कहा कि विपक्ष का यह कदम विधेयक का विरोध नहीं तो और क्या है? और अब वे केवल “घुमा फिरा के बात कर रहे हैं।” 266 रुपए में यूरिया, 1350 रुपए में DAP देने का फैसला इसके साथ ही युद्ध के चलते किसानों को फर्टिलाइजर की समस्या पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हम संकल्पबद्ध हैं कि देश की जनता को इसका नुकसान न उठाना पड़े। जैसे 41 हजार करोड़ रुपए की फर्टिलाइज़र सब्सिडी हमने बढ़ाई है, क्योंकि हर जगह फर्टिलाइज़र महंगा हो गया है। उन्होंने बताया कि हाल ही में कैबिनेट बैठक में तय किया गया है कि किसानों को 266 रुपए में यूरिया की बोरी और 1350 रुपए में DAP की बोरी दी जाएगी। बढ़ी हुई कीमत सरकार खुद वहन करेगी। इसके लिए बजट में 41 हज़ार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि जहां से भी फर्टिलाइज़र उपलब्ध हो सकता है, वहां से व्यवस्था की जा रही है। हालांकि पूरी तरह समस्या खत्म होने की बात नहीं कही जा सकती, लेकिन इस संकट से निपटने के लिए सरकार लगातार दिन-रात प्रयास कर रही है, ताकि किसानों और आम जनता पर इसका असर न पड़े।
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