विदिशा जिले के सिरोंज ब्लॉक के ग्राम चाटोली में अक्षय तृतीया के मौके पर एक नाबालिग बालिका का बाल विवाह रुकवाया गया। विदिशा सोशल वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन को सूचना मिलते ही टीम ने महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। जांच में सामने आया कि बालिका के परिजन मंडी बामोरा से छुपकर गांव पहुंचे थे। शादी की पूरी तैयारियां हो चुकी थीं और बारात भोपाल से आने वाली थी। दस्तावेज जांच में नाबालिग पाई गई बालिका टीम ने बालिका के दस्तावेजों की जांच की, जिसमें उसकी उम्र नाबालिग पाई गई। इसके बाद पंचनामा बनाकर तत्काल विवाह रुकवा दिया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी विनीता कसवा के निर्देश पर बालिका को सुरक्षित रूप से विदिशा के वन स्टॉप सेंटर भेजा गया, ताकि उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। टीम ने बालिका के परिजनों को समझाइश देते हुए चेतावनी दी कि बालिग होने से पहले विवाह करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में जिला प्रभारी दीपा शर्मा, मोनू सेन, सुपरवाइजर नसरीन बानो और रामलेश यादव सहित महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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