गहलोत बोले- नई रिफाइनरी में आग लगना संभव नहीं:घटना की गहराई से हो जांच, साजिश की जताई आशंका; किसानों के कर्ज माफी की मांग भी दोहराई




पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रिफाइनरी में आग लगने की घटना को लेकर बड़ा बयान देते हुए इसे सामान्य हादसा मानने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि नई रिफाइनरी में इस तरह आग लगना संभव नहीं है और इसके पीछे तोड़फोड़ या साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। गहलोत ने पूरे मामले की गहराई से और निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही उन्होंने किसानों के मुद्दे को उठाते हुए सरकार से कर्ज माफी की भी मांग की। गहलोत ने कहा- प्रदेश के हर हिस्से में किसान भारी परेशानी में हैं। किसान कर्ज माफी का इंतजार कर रहे हैं। जिस तरह हमने कर्ज माफी की, उसी तर्ज पर किसानों का कर्ज माफ होना चाहिए। पीएम के दौरे से 2-3 दिन पहले पहुंच जाती है SPG पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि देश का प्रधानमंत्री कहीं जाए और इतनी बड़ी दुर्घटना हो जाए। एसपीजी दो-तीन दिन पहले पहुंच जाती है, वहां इस घटना को मामूली नहीं मान सकते, यह बहुत बड़ी घटना है। रिफाइनरी में आग लगने के पीछे कोई चूक या जल्दबाजी गहलोत ने कहा- मैंने आज ऑस्ट्रेलिया के एक्सपर्ट से बात की थी, उनका कहना था कि 20-25 साल पुरानी रिफाइनरी में आग लगती रहती है, कोई बड़ी बात नहीं है। लेकिन नई रिफाइनरी में आग नहीं लगती है। नई रिफाइनरी में आग लगने के पीछे या तो कोई चूक हुई है या फिर जल्दबाज़ी में काम पूरा करने का मनोवैज्ञानिक दबाव रहा होगा। कोई चूक हुई है या कोई दबाव पड़ा होगा कि जल्दी करो। उन्होंने कहा कि इसके पीछे दो-तीन कारण हो सकते हैं। एक्सपर्ट कह रहे थे कि ऑस्ट्रेलिया में सबसे पहले सीखते हैं कि सेफ्टी पहले होनी चाहिए, चाहे वक्त लग जाए। प्रोडक्शन से पहले सेफ्टी का ध्यान रखो यह सोच है। हमारी रिफाइनरी में आग लगना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है, इसकी गहराई में जाना चाहिए। यह भी हो सकता है कोई तोड़फोड़ की साजिश, सबोटाज हो सकता है। इंतज़ार शास्त्र से हिल गई सरकार उन्होंने कहा- इंतज़ार शास्त्र के कारण पूरी सरकार ही हिल गई, सरकार डिफेंस में आ गई, बयानबाजी खूब की। लेकिन तथ्यों के साथ जवाब नहीं दे पाए कि कौन सा प्रोजेक्ट कब शुरू होगा। सरकार का दायित्व होता है कि वो जवाब दे। महिला आयोग की अध्यक्ष तक नहीं बना पाई सरकार महिला सशक्तिकरण को लेकर गहलोत ने कहा- बीजेपी के लोग महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं। बीजेपी सरकार अब तक महिला आयोग की अध्यक्ष तक नहीं बना पाई। इन्होंने शिक्षक भर्ती में 33% से बढ़कर 50% आरक्षण लागू करने की बात की थी लेकिन अभी तक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया। पैसे के बिना नहीं हो रहा कोई काम, गांव तक पहुंचा भ्रष्टाचार पूर्व सीएम गहलोत ने कहा- सरकार में हर स्तर पर भारी भ्रष्टाचार हावी है। पैसे के बिना कोई काम नहीं हो रहा। अब तो गांव तक भ्रष्टाचार पहुंच गया। हर कोई भ्रष्टाचार की बात कर रहा है। सीएम ने कहा था- किसान सालभर में 25-30 दिन ही खेतों में काम करते हैं दरअसल, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अप्रैल, 2026 में एक कार्यक्रम में बयान दिया था कि किसान साल भर में मुख्य रूप से 25-30 दिन ही खेतों में सक्रिय काम (बुवाई और कटाई) करते हैं। उन्होंने कहा था कि किसान केवल फसल बोने और काटने के समय मेहनत करता है, बीच में केवल कुछ दिन पानी देने जाता है। सीएम के इस बयान के बाद सियासी हल्कों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। ——————– रिफाइनरी से संबंधित ये खबरें भी पढ़िए… रिफाइनरी सही होने में लगेंगे 4 महीने:क्रूड ऑयल की प्रोसेसिंग रुकी, रिफाइनरी में आग की लपटें देख भागा सिक्योरिटी स्टाफ, जानें कैसे लगी आग राजस्थान के बालोतरा में पचपदरा रिफाइनरी में सोमवार को सिस्टम फेलियर की वजह से आग लगी थी। प्रत्यक्षदर्शी इंजीनियर का कहना है- रिफाइनरी की 2 महत्वपूर्ण यूनिट में मशीनों के बीच फ्रिक्शन(घर्षण) हुआ। इससे चिंगारी निकली।(पूरी खबर पढ़ें…) 13 साल से अधूरा सपना,रिफाइनरी में आग से उठे सवाल:बेस्ट टेक्नोलॉजी और इंजीनियर्स के बावजूद हादसा, एक्सपट्‌र्स ने बताया कितना बड़ा नुकसान पचपदरा रिफाइनरी पहुंचे सीएम, जहां आग लगी, वहां भी गए:ढाई घंटे तक भजनलाल शर्मा ने की अफसरों से चर्चा; NIA भी जांच के लिए पहुंचीं



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