सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र (बैंक कॉलोनी) में सोमवार सुबह 50 वर्षीय व्यक्ति ने 11 वर्षीय बच्चे का गला दबाने के बाद लोहे की हसिया से रेतकर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी ने शव को नीले ड्रम में छिपा दिया और बाहर से ताला लगाकर भाग गया। आरोपी की बच्चे की मां से बातचीत थी, जिसका बच्चा विरोध करता था और इसी बात को लेकर आरोपी ने हत्या की। पुलिस ने घटना के 24 घंटे के भीतर आरोपी को उसके ससुराल (अमिलिया-कोल्हुआडीह) से गिरफ्तार कर लिया है और बुधवार सुबह उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। मां से मिलने का बच्चे करते थे विरोध, पिता को करते थे शिकायत पुलिस पूछताछ में आरोपी मथुरा प्रसाद (50) ने बताया कि बैंक कॉलोनी में उसकी कपड़े प्रेस करने की दुकान है। एक ही मोहल्ले में दुकान और घर होने के कारण उसकी मृतक शिवराज उर्फ बादल की मां आशा रजक से जान-पहचान हो गई थी। मथुरा अक्सर उनके घर भी आता था, जो महिला के बच्चों को पसंद नहीं था। मृतक 11 वर्षीय शिवराज और उसकी बड़ी बहन सेजल इस पर आपत्ति जताते थे और नासिक में काम कर रहे अपने पिता रमेश रजक को शिकायत कर देते थे। इसी बात को लेकर रमेश का मथुरा से विवाद भी हुआ था। घर में अकेला मिला बच्चा, हिदायत दी तो कर दी हत्या सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे आरोपी मथुरा आशा के घर पहुंचा। वहां शिवराज उसे अकेला मिल गया। मथुरा ने उसे मां से मिलने-जुलने की शिकायत पिता से नहीं करने को कहा। इस पर बालक नाराज हो गया और उसे घर से दूर रहने की हिदायत देने लगा। इससे गुस्से में आकर आरोपी ने पहले बालक का गला दबा दिया और फिर लोहे की हसिया से गला रेत दिया। इसके बाद वह लाश को नीले ड्रम में छिपाकर बाहर से दरवाजे पर ताला लगाकर भाग गया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने ताले की चाबी और खून से सने कपड़े बरामद कर लिए हैं। बड़ी बहन सेजल भी थी टारगेट पर, बाल-बाल बची पुलिस पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि पकड़े गए आरोपी मथुरा का इरादा मृतक की बड़ी बहन सेजल को भी जान से मारने का था। किस्मत से वह उस वक्त घर पर मौजूद नहीं थी, वरना उसकी जान को भी खतरा हो सकता था। फोन बंद मिला तो पुलिस ने ससुराल से किया गिरफ्तार हत्या के बाद परिजनों की सूचना पर पुलिस ने नीले ड्रम से शव बरामद किया था। मंगलवार सुबह डॉक्टरों की टीम ने घरवालों की मौजूदगी में बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने जांच के दौरान सीधी जिले के कंधवार (हाल मुकाम- बस स्टैंड झुग्गी बस्ती, सतना) निवासी मथुरा प्रसाद को मुख्य संदिग्ध माना। जब वह दुकान और घर पर नहीं मिला और उसका फोन भी बंद आया, तो पुलिस ने टीमें रवाना कीं। कुछ ही घंटों में उसे अमिलिया-कोल्हुआडीह स्थित उसके ससुराल से गिरफ्तार कर लिया गया और सतना लाकर कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
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