फर्जी बैंक अकाउंट्स के जरिए ठगी करने वाला गिरोह पकड़ा:5 राज्यों से 53 लाख रुपए से अधिक निकाले, एक आरोपी गिरफ्तार; चेकबुक, पासबुक, एटीएम बरामद




भोजपुर के आरा में साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस की साइबर सेल ने फर्जी बैंक खातों के जरिए देशभर में ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में एक आरोपित को गिरफ्तार किया गया है, जबकि जांच में 53 लाख रुपए से अधिक की अवैध निकासी का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। साइबर डीएसपी स्नेह सेतू ने पूरे मामले की जानकारी दी। आरोपी के पास से पासबुक, चेकबुक, एटीएम बरामद गिरफ्तार आरोपित की पहचान मो. मेराज अंसारी के रूप में हुई है, जो गीधा के मटियारा, कायमनगर का निवासी बताया जा रहा है। पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल फोन, दस चेकबुक, चार पासबुक और एक एटीएम कार्ड बरामद किया है। इस मामले में साइबर थाना की दारोगा स्वाति कुमारी के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसमें बामपाली निवासी जावेद अली, गीधा के कायमनगर निवासी मेराज अंसारी और शमीमा खातून को आरोपित बनाया गया है। गुप्त सूचना के आधार पर भोजपुर साइबर थाना ने की कार्रवाई साइबर डीएसपी ने बताया कि भोजपुर साइबर थाना को गुप्त सूचना मिली थी कि जिले के कुछ बैंक खातों में विभिन्न राज्यों से साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर की जा रही है। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच के दौरान पाया गया कि उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक की आरा शाखा में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तीन बैंक खाते खोले गए थे। इन खातों का इस्तेमाल पश्चिम बंगाल, ओडिशा, कर्नाटक, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में हुई साइबर ठगी की रकम को मंगवाने और निकालने के लिए किया जा रहा था। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी, गिरोह के नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस पुलिस के अनुसार, इन तीनों खातों में कुल 53,85,046 रुपये जमा किए गए थे, जिन्हें बाद में चेक के माध्यम से निकाल लिया गया। यह भी सामने आया कि इन खातों से जुड़े मामलों में राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर पहले से ही नौ शिकायतें दर्ज थीं। तकनीकी अनुसंधान और मानवीय सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मेराज अंसारी को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी और इस गिरोह से जुड़े नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से साइबर अपराध के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है और आगे भी इस दिशा में अभियान जारी रहेगा।



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